बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल अपने गेम के कारण जानी जाती हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में साइना ने अपने करियर के दौरान अपनाई गई खास डाइट और फिटनेस रूटीन से जुड़े कई अनसुने किस्से शेयर किए हैं. उन्होंने बताया कि कैसे एक वक्त पर उन्हें वेजिटेरियन डाइट से हटकर नॉन-वेज खाने का फैसला लेना पड़ा था. आखिर क्यों एक एथलीट के लिए प्रोटीन की सही मात्रा जरूरी होती है और उन्होंने कैसे अपने खान-पान में बदलाव कर खुद को फिट रखा, जानिए इस पूरी कहानी में.
नॉन-वेज डाइट अपनाने की मजबूरी
इंटरव्यू में साइना ने बताया कि अपने करियर की शुरुआत में वह वेजिटेरियन थीं. लेकिन जैसे-जैसे वह इंटरनेशनल लेवल पर खेलने लगीं, उनकी चुनौतियां बढ़ने लगीं. साइना के मुताबिक, इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स के दौरान हर जगह और हर बार प्रोटीन सप्लीमेंट्स या पाउडर पर निर्भर रहना मुमकिन नहीं था.
ऐसे में अपनी बॉडी की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें नॉन-वेजिटेरियन फूड की तरफ शिफ्ट होना पड़ा. उन्होंने कहा कि खेल के दौरान मसल टोनिंग, रिकवरी और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए प्रोटीन का मिलना बहुत जरूरी था, इसलिए उन्होंने अपनी डाइट में चिकन और अंडों को शामिल करना शुरू किया.
डाइट में पोर्शन कंट्रोल का महत्व
सिर्फ नॉन-वेज ही नहीं, साइना ने अपनी डाइट में 'पोर्शन कंट्रोल' यानी खाने की मात्रा पर भी जबरदस्त फोकस किया. जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई, उनके मेटाबॉलिज्म और वजन पर असर पड़ने लगा. उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ एथलीट्स के लिए ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट भारी पड़ने लगती है, जिससे वजन आसानी से बढ़ जाता है.
इसे मैनेज करने के लिए उन्होंने तीन बार मील लेने की आदत डाली और बीच-बीच में नट्स खाना शुरू किया. वह बताती हैं कि एक बैलेंस डाइट न सिर्फ उन्हें खेलने में मदद करती थी, बल्कि इससे उन्हें अच्छी नींद भी आती थी और शरीर में सूजन या इन्फ्लेमेशन भी कम रहता था.
संडे चीट डे और घर का खाना
साइना ने यह भी शेयर किया कि वह भी हम सबकी तरह खाने की शौकीन हैं. छोले-भटूरे, आलू के पराठे, गोलगप्पे और गाजर का हलवा उन्हें काफी पसंद है. हालांकि, अपनी फिटनेस को मेंटेन रखने के लिए उन्होंने इन चीजों को सिर्फ संडे तक ही सीमित रखा.
रिटायरमेंट के बाद अब साइना अपनी डाइट को और भी सिंपल रखती हैं. वह घर का बना खाना, ढेर सारी सब्जियां, फल और सही मात्रा में प्रोटीन लेना पसंद करती हैं. उनका मानना है कि फिट रहने के लिए कोई जादुई नुस्खा नहीं, बल्कि अनुशासन और सही पोर्शन का तालमेल ही सबसे बड़ी क्वालिटी है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क