Balcony Rainwater Solution: मॉनसून की झमाझम बारिश जहां मौसम को सुहाना बना देती है, वहीं ये अपने साथ ऐसी कई परेशानियां लाती है जो सबका जीना मुश्किल कर देती है. कई घरों के लिए तो बारिश एक बहुत बड़ी परेशानी बनकर आती है. दरअसल, ज्यादातर फ्लैट्स या घरों की बालकनी में तेज बारिश शुरू होते ही पानी भरने लगता है और देखते ही देखते बारिश का वो पानी घर के अंदर पहुंच जाता है. इसकी वजह से फर्श पर पानी फैल जाता है, कालीन और फर्नीचर भीग जाते हैं, दीवारों में सीलन आने लगती है और घर को साफ रखना मुश्किल हो जाता है. कई बार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि घंटों पानी निकालने में ही लग जाते हैं.
अगर आपके घर में भी हर बारिश के साथ यही परेशानी आती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान घरेलू उपाय और छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखकर आप बालकनी से घर के अंदर आने वाले बारिश के पानी को काफी हद तक रोक सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ असरदार टिप्स, जो इस मॉनसून आपके घर को सूखा और सुरक्षित रखने में मदद करेंगे.
1. बालकनी की नाली की रोजाना सफाई करें: अगर बालकनी की नाली बंद होगी तो बारिश का पानी इकट्ठा होता है. यही जमा हुआ पानी घर के अंदर आने लगता है. इसलिए मॉनसून शुरू होने से पहले और पूरे सीजन के दौरान बालकनी की नाली से पत्ते, मिट्टी और कचरा साफ करते रहें.
2. दरवाजे के नीचे रबर डोर सील लगाएं: अगर पानी स्लाइडिंग डोर या बालकनी के दरवाजे के नीचे से अंदर आता है, तो नीचे रबर डोर सील लगा लें. इससे पानी का अंदर आना काफी हद तक रुक जाता है. इसे लगाने का दूसरा फायदा ये है कि इससे धूल भी कम आती है.
3. बालू से भरे सैंडबैग रखें: अगर मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी मिल रही हो तो बालकनी के दरवाजे के बाहर छोटे-छोटे सैंडबैग रख सकते हैं. ये पानी के फ्लो को रोकने में मदद करते हैं और पानी सीधे कमरे में नहीं घुस पाता है.
4. बालकनी का ढलान सही है या नहीं, चेक करें: अगर बालकनी का फ्लोर घर की ओर झुका हुआ है, तो बारिश का पानी अंदर आना तय है. ऐसे में किसी मिस्त्री को बुलाकर उससे ढलान की टेस्टिंग करवा लें. जरूरत पड़ने पर फ्लोर का ढलान नाली की तरफ करवाना लंबे समय का समाधान हो सकता है.
5. बालकनी में ज्यादा सामान न रखें: गमले, बॉक्स, स्टूल या बाकी सामान अगर पानी के फ्लो को रोकते हैं, तो पानी जमा होने लगता है. ऐसे में कोशिश करें कि मॉनसून में ऐसी सभी चीजें बालकनी से हटा दें, ताकि पानी निकलने का रास्ता हमेशा खुला रहे.
6. सिलिकॉन सीलेंट से गैप बंद करें: दरवाजे की फ्रेम, दीवार या टाइल्स के किनारों में छोटे-छोटे गैप होने पर वहीं से पानी रिसने लगता है. ऐसे गैप को वॉटरप्रूफ सिलिकॉन सीलेंट से भरवा दें.
7. बारिश से पहले बालकनी की जांच करना न भूलें: हर तेज बारिश से पहले एक बार बालकनी को चेक जरूर कर लें. देखें कि नाली खुली है या नहीं, दरवाजे की सील ठीक है या नहीं और कहीं पानी जमा तो नहीं हो रहा. छोटी-सी जांच बड़े नुकसान से बचा सकती है.
किन बातों का रखें खास ध्यान?
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क