भागदौड़ भरी जिंदगी में घर वो जगह होती है जहां इंसान दिनभर की थकान के बाद थोड़ा सुकून चाहता है. लेकिन अगर गलती से किसी का घर सड़क के पास हो या घर के पास से कोई हाइवे गुजर रहा हो तो सुकून किसी सपने की तरह लगता है. दरअसल, सुबह से रात तक बाहर दौड़ती कारों की आवाज, बाइक के तेज हॉर्न, लोगों की चीख-पुकार और पड़ोस का शोर कानों में गूंजता रहे, तो घर भी आराम की जगह नहीं बल्कि मछली मार्केट जैसा लगने लगता है. कई बार तो ऐसा लगता है कि खिड़कियां बंद करने के बाद भी बाहर का शोर सीधे कमरे के अंदर घुस आता है और चैन से बैठना तक मुश्किल हो जाता है.
अच्छी बात ये है कि इस परेशानी से राहत पाने और सुकून की इच्छा के लिए आपको अपना घर बदलने या उसमें बड़े-बड़े बदलाव करके हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर में कुछ छोटे और स्मार्ट बदलाव करके बाहरी आवाजों को अंदर आने से काफी हद तक कम किया जा सकता है. चलिए जानते हैं क्या है वो ट्रिक्स जिनकी मदद से आप घर को साउंड प्रूफ बना सकते हैं.
1. मोटे पर्दे लगाएं: अगर आपने अपने घरों में पतले पर्दें लगा रखे हैं, तो उसकी जगह मोटे और भारी फैब्रिक वाले पर्दे लगाएं. वेलवेट या डबल लेयर वाले पर्दे बाहर से आने वाली आवाज को काफी हद तक सोख लेते हैं. अगर खिड़की सड़क की तरफ है, तो फर्श तक लंबे पर्दे लगाना ज्यादा अच्छा रहता है.
2. घर में कालीन और रग्स का इस्तेमाल बढ़ाएं: खाली फर्श पर आवाज ज्यादा गूंजती है. ऐसे में मोटे कालीन, कार्पेट या रग्स लगाने से शोर कम महसूस होता है. इससे पैरों की आवाज भी कम होती है और घर थोड़ा शांत लगता है.
3. दरवाजे और खिड़कियों की गैप तुरंत बंद करें: कई बार बाहर की आवाज दरवाजों और खिड़कियों के किनारों से अंदर आती है. इसके लिए रबर सील, वेदर स्ट्रिप या डोर स्वीप लगाना काफी फायदेमंद हो सकता है. ये तरीका आवाज के साथ-साथ धूल और गर्म हवा को भी कम करता है.
4. खाली दीवारों को ऐसे बनाएं साउंड ब्लॉकर: अगर घर की दीवारें बिल्कुल खाली हैं, तो आवाज ज्यादा गूंजती है. दीवारों पर फैब्रिक वॉल हैंगिंग, मोटी पेंटिंग्स, बुकशेल्फ या टेक्शचर वॉलपेपर लगाने से शोर कम हो सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सॉफ्ट चीजें आवाज को सोखने में मदद करती हैं.
5. घर में रखें पौधे: घर के अंदर बड़े-बड़े इंडोर प्लांट्स और बालकनी में घने पौधे लगाने से भी आवाज थोड़ी कम महसूस होती है. इसके साथ ही घर का माहौल फ्रेश और ठंडा भी रहता है. अगर बाहर सड़क का शोर ज्यादा आता है, तो बालकनी में पौधों की लाइन लगाने से फायदा मिल सकता है.
6. फर्नीचर को सही जगह पर लगाएं: भारी अलमारी, बुकशेल्फ या सोफा अगर उस दीवार के पास रखें जहां से ज्यादा शोर आता है, तो आवाज थोड़ी ब्लॉक हो सकती है. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स सॉफ्ट और भारी फर्नीचर को ‘नेचुरल साउंड बैरियर’ मानते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क