फाइव स्टार होटल के किचन का नाम सुनते ही मन में चमकते बर्तन और साफ-सुथरे फ्लोर की फोटोज सामने आ जाता हीं. सैकड़ों तरह की डिश जिस 5 स्टार होटल में बनती हैं, आपने सोचा है उनका किचन कितना बड़ा होता है और उसे साफ करना कितना मुश्किल होता होगा? दरअसल, होटल के किचन की चमक के पीछे कड़ी मेहनत और सावधानियां छिपी होती हैं? हाल ही में बीसीसीआई के साथ काम कर चुके शेफ अरुण चौहान ने बताया कि प्रोफेशनल किचन में हाइजीन मेंटेन करना किसी बड़े मिशन से कम नहीं होता.
केमिकल्स का होता है कड़ा इस्तेमाल
कई 5 स्टार होटल में काम कर चुके शेफ अरुण के मुताबिक, फाइव स्टार होटल के किचन को रोज कम से कम तीन बार पूरी तरह से साफ करना पड़ता है. यह सफाई केवल ऊपर से नहीं होती, बल्कि डीप क्लीनिंग की प्रोसेस से गुजरती है ताकि बैक्टीरिया और गंदगी का नामोनिशान न रहे.
होटल के किचन में सामान्य साबुन या पानी काफी नहीं होता. यहां लगभग 5 से 6 प्रकार के स्पेसिफिक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें हैंड वॉश, डिश वॉशर और फ्लोर क्लीनर आदि शामिल होते हैं.
किचन में काम के दौरान तेल और खाना गिरना आम है जो गंदगी और कीटाणुओं को बुलावा देता है. गर्मियों के मौसम में ये बैक्टीरिया और कीटाणु बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए सफाई की फ्रीक्वेंसी और ज्यादा बढ़ा दी जाती है ताकि हाइजीन की क्वालिटी पर कोई समझौता न हो.
तेजाब का इस्तेमाल भी होता है?
होटल के किचन में पाइपलाइन और नालियों को साफ रखने के लिए सावधानीपूर्वक तेजाब का इस्तेमाल किया जाता है. शेफ अरुण ने बताया कि हर दिन 5 से 10 लीटर तक तेजाब का उपयोग करके नालियों की सफाई की जाती है. इसका मुख्य मकसद कीटाणुओं को खत्म करना और कॉकरोच जैसी समस्याओं से बचना है.
कॉकरोच यदि किचन में ऊपर आ जाएं, तो उन्हें हटाना बेहद मुश्किल होता है. ऐसे में यह डेली प्रोसेस बहुत जरूरी हो जाती है. यह पूरी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि मेहमानों को परोसा जाने वाला हर व्यंजन न केवल स्वाद में बेहतरीन हो, बल्कि हाइजीन के हर पैमाने पर खरा उतरे.
ये अप्रोच करती है काम
5 स्टार होटलों के किचन में केवल सफाई ही नहीं, बल्कि एक पूरी सिस्टेमैटिक अप्रोच अपनाई जाती है ताकि वहां का वातावरण सुरक्षित बना रहे. सफाई के दौरान मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखा जाता है:
केमिकल मैनेजमेंट: केमिकल्स को फूड एरिया से पूरी तरह अलग रखा जाता है ताकि खाने में इनकी कोई मिलावट न हो जाए.
फ्रीक्वेंसी का महत्व: होटल के किचन को एक दिन में कम से कम तीन बार साफ करना अनिवार्य होता है, ताकि तेल और खाने के अवशेषों से पैदा होने वाले बैक्टीरिया पनप न सकें.
सफाई की टाइमिंग: ये क्लीनिंग प्रोसेस आमतौर पर रात में या शिफ्ट के बाद की जाती है ताकि अगली सुबह के कुकिंग ऑपरेशन के लिए किचन एकदम फ्रेश और हाइजीनिक मिले.
हाइजीन स्टैंडर्ड्स: सफाई के दौरान टीम को इस बात का पूरा पैशेंस रखना पड़ता है कि किचन का हर कोना, चाहे वो नाली हो या काम करने वाली टेबल, बिल्कुल क्लीन रहे ताकि मेहमानों के लिए खाना बनाने की क्वालिटी बनी रहे.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क