प्रोटीन सिर्फ दाल, अंडे या मीट में ही नहीं, बल्कि कुछ फलों में भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. अगर आप अपनी डाइट में थोड़ा एक्स्ट्रा प्रोटीन जोड़ना चाहते हैं, तो ये 5 फल आपके लिए बेस्ट ऑप्शंस हो सकते हैं. हालांकि ये फल प्रोटीन के मुख्य सोर्स नहीं हैं, लेकिन ये आपकी डेली डाइट की न्यूट्रिशनल वैल्यू को जरूर बढ़ाते हैं. चलिए जानते हैं इन 5 पावरफुल फ्रूट्स के बारे में जो कुछ हद तक प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं. लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के कोई भी फल न खाएं.
अमरूद (Guava)
अमरूद प्रोटीन के मामले में फलों का राजा है. एक कप कटे हुए अमरूद में लगभग 4.2 ग्राम प्रोटीन होता है. इसके साथ ही, इसमें विटामिन-सी और फाइबर की भी भरमार होती है, जो आपके डाइजेशन के लिए बहुत अच्छा है. इसे अपनी इवनिंग स्नैक डाइट में जरूर शामिल करें.
एवोकाडो (Avocado)
एवोकैडो न केवल हेल्दी फैट्स के लिए जाना जाता है, बल्कि इसमें प्रोटीन की मात्रा भी काफी अच्छी होती है. According to GoodRx, एक कप एवोकैडो में लगभग 3 ग्राम प्रोटीन होता है. इसे आप टोस्ट पर मैश करके या अपनी सलाद में शामिल कर सकते हैं, जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी.
कटहल (Jackfruit)
अगर आप शाकाहारी हैं, तो कटहल आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. According to WebMD, एक कप पके हुए या सही तरीके से पकाए गए कटहल में लगभग 2.8 ग्राम प्रोटीन होता है. इसका टेक्सचर मीट जैसा होता है, इसलिए इसे 'वेजीटेरियन मीट' भी कहा जाता है.
खुबानी (Apricot)
सूखी या ताजी, खुबानी प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है. एक कप कटी हुई ताजी खुबानी में करीब 2.3 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है. यह पोटैशियम और विटामिन-ए का भी खजाना है, जो आंखों की रोशनी और स्किन की चमक बढ़ाने में मदद करता है. इसे आप ओट्स या दही के साथ मिक्स करके खा सकते हैं.
कीवी (Kiwi)
कीवी सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोटीन के लिए भी बेस्ट है. एक कप कीवी में लगभग 2 ग्राम प्रोटीन होता है. कीवी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 'एक्टिनिडिन' नाम का एंजाइम होता है, जो प्रोटीन के डाइजेशन में मदद करता है.
प्रोटीन और सेहत का कनेक्शन:
ये फल आपकी डाइट को बैलेंस करने का काम करते हैं. अगर आप वर्कआउट करते हैं, तो इन्हें अपनी मील में जोड़ना एक स्मार्ट चॉइस है. लेकिन याद रखें, ये फल आपका पूरा प्रोटीन का कोटा नहीं भर सकते, इसलिए इन्हें अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ बैलेंस करना ही सही तरीका है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क