फैशन की दुनिया में पेरिस हाउट कूट्योर वीक सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मंच माना जाता है. यहां दुनिया के बड़े-बड़े डिजाइनर्स अपने हाथों से तैयार किए गए एक्सक्लूसिव कलेक्शन पेश करते हैं. इन डिजाइंस की चर्चा पूरी दुनिया में होती है. लेकिन इस बार पेरिस फैशन वीक में पेश किए सिर्फ डिजाइन नहीं, बल्कि एक विवाद भी खूब चर्चा में है. दरअसल, पेरिस हाउट कूट्योर वीक में जिस डिजाइनर की शानदार ड्रेस को पहनकर ईशा अंबानी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, अब उसी कलेक्शन को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है.
ये कलेक्शन भारतीय फैशन डिजाइनर राहुल मिश्रा का 'Devi' रहा. ये कलेक्शन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ लोग इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे, तो कुछ इसे दूसरे भारतीय डिजाइनर्स के पुराने काम से मिलता-जुलता बता रहे हैं. इस पर सोशल मीडिया पर इतना ज्यादा विवाद गर्मा गया है कि एक इंटरव्यू में राहुल मिश्रा ने खुद सामने आकर सफाई दी. आखिर क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं.
राहुल मिश्रा ने पेश किया 'Devi' कलेक्शन
राहुल मिश्रा ने इस बार पेरिस हाउट कूट्यूोर वीक में अपना 14वां हाउट कूट्योर कलेक्शन 'Devi: The Eternal Muse' पेश किया. उन्होंने बताया कि ये कलेक्शन ऐसा है जैसे समय में पीछे जाकर भारत की प्राचीन कला को दोबारा जीवंत किया गया हो. इस कलेक्शन की इंस्पिरेशन दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों में बनी देवी-देवताओं की पत्थर की मूर्तियों से ली गई है. खास बात ये है कि पत्थर जैसे दिखने वाले डिजाइन को कपड़े पर उकेरा गया है. इसके लिए हाथों से महीन कढ़ाई की गई है.
पत्थर जैसी दिखने वाली ड्रेस ने खींचा ध्यान
राहुल मिश्रा ने बताया कि उनका मकसद रेशम और धागों की मदद से ऐसा इल्यूजन (भ्रम) पैदा करना था, जिससे कपड़ा पत्थर की नक्काशी जैसा दिखाई दे. इसे बनाने के लिए हर धागे पर बेहद बारीकी से काम किया गया, ताकि ड्रेस में मूर्तियों जैसा टेक्शचर नजर आए.
Cardi B बनीं शो की सबसे बड़ी अट्रैक्शन
सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई जब अमेरिकी रैपर कार्डी बी (Cardi B) ने राहुल मिश्रा की डिजाइन की हुई ड्रेस पहनकर रैंप पर एंट्री की. कार्डी बी द्वारा पहनी गई ड्रेस कर्नाटक के बेलूर स्थित चेन्नाकेशव मंदिर की 12वीं सदी की मोहिनी मूर्ति से इंस्पायर्ड थी. इसमें हाथ की कढ़ाई के जरिए पत्थर पर बनी जूलरी और ड्रेपिंग जैसा लुक तैयार किया गया था.
इसके साथ ही ईशा अंबानी भी राहुल मिश्रा की डिजाइन किए गए कस्टम आउटफिट में दिखाई दीं. कार्डी बी और ईशा अंबानी का लुक बहुत चर्चा में रहा. दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.
फिर क्यों शुरू हुआ विवाद?
राहुल मिश्रा का शो खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद मशहूर डिजाइनर गौरव गुप्ता ने अपने पुराने कलेक्शन 'The Divine Androgyne' की तस्वीरें सोशल मीडिया पर दोबारा शेयर कीं. ये कलेक्शन इसी साल जनवरी में Paris Haute Couture Week के Spring/Summer सीजन में पेश किया गया था. इसकी इंस्पिरेशन भी प्राचीन भारतीय मंदिरों की मूर्तियों से ली गई थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दोनों डिजाइनर्स के कलेक्शन की तुलना शुरू कर दी. बहुत से नेटिजंस ऐसे थे, जिनका मानना था कि राहुल मिश्रा ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन से कॉपी किया है. देखते ही देखते कॉपी करने की बहस छिड़ गई.
तरुण तहिलियानी ने भी शेयर किया पुराना कलेक्शन
ये विवाद तब और ज्यादा गर्मा गया जब डिजाइनर तरुण तहिलियानी ने भी अपना साल 2001 का कलेक्शन सोशल मीडिया पर शेयर किया. ये कलेक्शन भगवान नटराज से इंस्पायर्ड था. उन्होंने लिखा कि भारतीय कला और संस्कृति हमेशा से उनके डिजाइन का अहम हिस्सा रही है.
राहुल मिश्रा ने क्या कहा?
इंटरव्यू में राहुल मिश्रा ने कहा कि भारत की प्राचीन कला और मंदिरों की मूर्तियां सदियों से कलाकारों, मूर्तिकारों, फिल्मकारों और डिजाइनर्स को प्रेरित करती रही हैं. उनके मुताबिक, अलग-अलग कलाकार एक ही सांस्कृतिक विरासत को अपने-अपने तरीके से पेश करते हैं, इसलिए इसे किसी एक डिजाइन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
'Devi' कलेक्शन दूसरे डिजाइन से कैसे अलग है?
राहुल मिश्रा ने कहा कि कई डिजाइनर्स ने पहले भी मूर्तियों जैसे बॉडी आर्मर या ब्रेस्टप्लेट बनाए हैं, लेकिन उनका तरीका बिल्कुल अलग था. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने ये डिजाइंस बनाने के लिए किसी सांचे का इस्तेमाल नहीं किया. उनकी टीम ने पूरे लुक को सिर्फ धागों और हाथ की कढ़ाई से तैयार किया गया, ताकि कपड़े पर पत्थर की नक्काशी जैसा इल्यूजन पैदा हो सके.
महीनों की मेहनत से तैयार हुआ कलेक्शन
राहुल मिश्रा के मुताबिक, इस कलेक्शन को तैयार करने में कई महीने लगे. रिसर्च, स्केचिंग, सैंपलिंग, एम्ब्रॉयडरी और सिलाई जैसे सभी स्टेज पर डिजाइनर्स, कारीगरों और टेलर्स की बड़ी टीम ने काम किया. उन्होंने बताया कि कुछ ड्रेस ऐसी थीं जिन्हें सॉफ्ट स्कल्प्चर की तरह बनाया गया. जो पत्थर जैसी दिखती हैं, वो सच में धागों से की गई बेहद बारीक कढ़ाई का नतीजा हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क