भारत में उर्सुला वॉन ने पहना ये 'अहिंसा स्टोल', जानें इसकी इतनी चर्चा क्यों हो रही, फोटो वायरल

रिपब्लिक डे 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक जैसे Eri सिल्क स्टोल पहने. ये स्टोल सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सस्टेनेबल फैशन का संदेश दे रहे थे.

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पीएम नरेंद्र मोदी और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जिस सिल्क से बना स्टोल पहना था उसे 'अहिंसा सिल्क' कहा जाता है. (Photo: ITG) पीएम नरेंद्र मोदी और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जिस सिल्क से बना स्टोल पहना था उसे 'अहिंसा सिल्क' कहा जाता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

जब विदेशी मेहमान भारत आते हैं, तो आप उन्हें आमतौर पर सूट-बूट में ही देखते हैं. लेकिन गणतंत्र दिवस 2026 में यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जो पहना था उसे देखकर सभी चौंक गए. उर्सुला ने बाकी विदेशी मेहमानों से अलग अंदाज अपनाया. उन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय कपड़े पहने, जिस पर हाथ की कारीगरी की गई थी. ये कपड़े पहनकर उर्सुला ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. उनके हर आउटफिट में भारत की संस्कृति, परंपरा और कारीगरी साफ झलक रही थी.

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सबसे खास मौका तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा के लिए साथ खड़े हुए. इस मौके पर जहां लोग एक तरफ डील की बात सुनने के लिए तैयार थे, लेकिन सबकी नजरें इस बात पर टिक गईं कि पीएम नरेंद्र मोदी और उर्सुला ने एक जैसे स्टोल पहने थे. सोशल मीडिया पर दोनों की एक जैसे Eri सिल्क स्टोल में तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

स्टोल में छुपा भारत का रंग और परंपरा
Eri सिल्क स्टोल कोई आम स्टोल नहीं हैं. ये स्टोल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के निमंत्रण के साथ दिए गए थे. इन्हें उर्सुला वॉन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष अंतोनियो कोस्टा को भी भेंट किया गया था. हर स्टोल को पूर्वोत्तर भारत में की जाने वाली हाथों की कारीगरी और आठ राज्यों (भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्य) अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम की कला को सम्मान देने के लिए बनाया गया था.

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गणतंत्र दिवस के समारोह में कई मंत्री और मेहमान भी ये स्टोल पहनकर आए थे, जिससे पता चलता है कि भारत संस्कृति, परंपरा और कला का देश है.

Eri सिल्क क्या है और क्यों खास है?
Eri सिल्क कोई आम चमकदार सिल्क नहीं है. ये बहुत ही खास तरह का सिल्क होता है. इसे 'अहिंसा सिल्क' कहा जाता है क्योंकि इसे बनाते समय सिल्कवॉर्म को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता. जब मादा सिल्कवॉर्म खुद बाहर निकल जाती है, तब उसके बाद ही रेशम निकाला जाता है. ये सिल्क सॉफ्ट, गर्म और बहुत आरामदायक होता है. ये मेघालय के खासी लोग और अन्य स्थानीय समुदाय के लोग हाथों से बनाते हैं. हर एक स्टोल को बनाने में बहुत सब्र और मेहनत की जरूरत होती, जो इसे और भी खास बनाती है.

क्यों इसे कहते हैं 'वूल ऑफ सिल्क'
Eri सिल्क बहुत लाइटवेट, आरामदायक और ब्रीदेबल होता है. इसके बावजूद भी ये आपको गर्म रखता है. इसे सालों तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है. इस सिल्क का इस्तेमाल स्टोल, साड़ी, स्कार्फ, स्वेटर और कंबल जैसी चीजों में किया जाता है. ये फैब्रिक सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है.

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