25 साल पुराने घोटाले में बड़ा फैसला, दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भेजा गया तिहाड़ जेल

दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने एमपी विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया है. अदालत ने कहा कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बैंक को धोखा देने की साजिश रची और फर्जी दस्तावेज बनाए. एफडी अवधि खत्म होने के बाद भी ज्यादा ब्याज लिया गया.

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MP विधायक राजेंद्र भारती भ्रष्टाचार केस में दोषी करार (Photo: Facebook) MP विधायक राजेंद्र भारती भ्रष्टाचार केस में दोषी करार (Photo: Facebook)

सृष्टि ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने मध्यप्रदेश के विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी बैंक से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार दिया है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी राजेंद्र भारती के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप साबित हुए हैं और उन्हें भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया गया है.

अदालत के अनुसार, इस मामले में राजेंद्र भारती के साथ आरोपी प्रजापति, सावित्री देवी और कुछ अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी. कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों ने मिलकर बैंक को धोखा देने की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.

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बैंक के दस्तावेजों में की गई फर्जीवाड़ा

फैसले में कहा गया कि इस साजिश का मकसद शिकायतकर्ता बैंक को नुकसान पहुंचाना था. आरोपियों ने तीन साल की फिक्स्ड डिपॉजिट अवधि 2011 के बाद भी उच्च ब्याज दर पर पैसे निकालते रहना जारी रखा. यानी तय अवधि खत्म होने के बाद भी अधिक ब्याज का लाभ लिया गया, जिससे बैंक को आर्थिक नुकसान हुआ.

अदालत ने यह भी कहा कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर की गई. इन दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार किया गया, जो कि एक गंभीर अपराध है. कोर्ट के अनुसार, यह जालसाजी भी उसी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य बैंक को ठगना था.

अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किया गया घोटाला

कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि आरोपी राजेंद्र भारती और प्रजापति दोनों आपराधिक साजिश के दोषी हैं. अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया और बैंक को नुकसान पहुंचाया. इस मामले में कोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप साबित हुए हैं. हालांकि अभी सजा पर अंतिम फैसला आना बाकी है.

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