Desi Joke: अमेरिका और इंडिया के बच्‍चों में क्या फर्क है? सोनू का जवाब सुनकर नहीं रुकेगी हंसी

खुश और तनावमुक्त रहना न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. मुस्कुराहट चेहरे की खूबसूरती तो बढ़ाती ही है, सकारात्मक ऊर्जा से भी भर देती है. इसी को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए आज फिर लेकर आए हैं वायरल जोक्स.

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जोक्स जोक्स

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:18 PM IST

>पापा - बेटा, अमेरिका में 15 साल के बच्चे भी अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं.
सोनू- लेकिन पापा, भारत में तो एक साल का बच्चा भागने भी लगता है...!

> लड़की वाले - हमें लड़का पसंद नहीं...
लड़के वाले - पसंद तो हमें भी नहीं है, अब क्या करें घर से निकाल दें?

> टीचर - बेटा अगर सच्चे दिल से प्रार्थना की जाए, तो वो जरूर सफल होती है.
सोनू - रहने दीजिए सर, अगर ऐसा होता तो आप मेरे सर नहीं, ससुर होते.
फिर क्या... सोनू की हुई जोरदार पिटाई !

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> मां - तुम बेहद शरारती हो, देखने में भी एकदम बंदर लगते हो.
बेटा - लेकिन मां पड़ोस वाली आंटी तो कहती हैं कि तुम बिल्कुल अपने पापा की तरह लगते हो !!!

> डॉक्टर मरीज से- अगर तुम मेरी दवा से ठीक हो गए तो मुझे क्या इनाम दोगे?
मरीज- साहब मैं तो बहुत गरीब आदमी हूं कब्र खोदता हूं.
आपकी फ्री में खोद दूंगा...

> घर जमाई- आज से मैं रोटी नहीं चावल खाऊंगा.
सास- ऐसा क्यों?
घर जमाई- मोहल्ले वालों के ताने सुनकर थक गया हूं. रोज कहते हैं कि मैं ससुराल वालों की रोटी तोड़ता हूं. 
इसीलिए आज से मैं चावल खाऊंगा.

 

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)
 

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