घर में बिजली का कनेक्शन लगवाते समय ज्यादातर लोग वायरिंग, स्विच, पंखे और लाइट पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन एक ऐसी चीज होती है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. यही छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बड़ा हादसा बन सकती है. हम बात कर रहे हैं 'अर्थिंग' की. कई लोगों को लगता है कि अर्थिंग सिर्फ एक तकनीकी काम है, लेकिन सच यह है कि यह आपके घर, बिजली के उपकरणों और सबसे बढ़कर आपकी जान की सुरक्षा से जुड़ी होती है. अगर आपके घर में सही अर्थिंग नहीं है, तो करंट लगने का खतरा बढ़ सकता है और महंगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी खराब हो सकते हैं.
आखिर क्या होती है अर्थिंग?
आसान भाषा में कहे तो अर्थिंग करने से बिजली का एक्स्ट्रा या लीकेज करंट सुरक्षित तरीके से जमीन में पहुंचा दिया जाता है. इसके लिए घर की बिजली व्यवस्था को एक मेटल की रॉड या प्लेट के जरिए जमीन से जोड़ा जाता है. जब किसी कारण से बिजली का करंट किसी उपकरण के बाहरी हिस्से में आ जाता है, तो सही अर्थिंग होने पर वह करंट सीधे जमीन में चला जाता है. इससे इंसान को करंट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है.
घर में अर्थिंग करवाना क्यों जरूरी है?
अर्थिंग का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा है. अगर वॉशिंग मशीन, फ्रिज, गीजर, एयर कंडीशनर या पानी की मोटर जैसी किसी मशीन में बिजली लीकेज हो जाए, तो बिना अर्थिंग के उस मशीन को छूने पर करंट लग सकता है. सही अर्थिंग होने पर लीकेज करंट जमीन में चला जाता है और कई मामलों में MCB या ELCB/RCCB जैसे सुरक्षा उपकरण तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर देते हैं। इससे हादसे की संभावना काफी कम हो जाती है.
महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी रहते हैं सुरक्षित
आज लगभग हर घर में टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर, इनवर्टर और स्मार्ट होम डिवाइस मौजूद हैं. बिजली का वोल्टेज अचानक बढ़ने या बिजली गिरने जैसी स्थिति में इन उपकरणों को नुकसान हो सकता है. अगर घर में अच्छी अर्थिंग की गई हो, तो अतिरिक्त करंट जमीन में चला जाता है. इससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा बढ़ जाती है और उनकी उम्र भी लंबी हो सकती है.
बिजली का झटका क्यों नहीं लगता?
कई बार लोग कहते हैं कि फ्रिज या वॉशिंग मशीन को छूने पर हल्का-हल्का करंट महसूस होता है. इसकी एक बड़ी वजह खराब या कमजोर अर्थिंग हो सकती है. जब अर्थिंग सही होती है, तो उपकरण के बॉडी में आने वाला लीकेज करंट जमीन में चला जाता है. इसलिए मशीन को छूने पर करंट महसूस होने की संभावना बहुत कम हो जाती है.
क्या हर घर में अर्थिंग होना जरूरी है?
चाहे नया घर हो या पुराना, फ्लैट हो या घर, हर जगह सही अर्थिंग होना बेहद जरूरी माना जाता है. खासकर उन घरों में जहां एसी, गीजर, मोटर, इनवर्टर और दूसरे भारी बिजली के उपकरण इस्तेमाल होते हैं. अगर आप नया घर बनवा रहे हैं, तो शुरुआत में ही अच्छी क्वालिटी की अर्थिंग करवाना सबसे सही फैसला होता है. बाद में इसे करवाने में ज्यादा परेशानी और खर्च दोनों हो सकते हैं.
अर्थिंग करवाने में कितना खर्च आता है?
अर्थिंग का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे किस तरह की अर्थिंग करवाई जा रही है, मिट्टी की स्थिति कैसी है और कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जा रही है. आमतौर पर एक सामान्य घर में जीआई पाईप अर्थिंग करवाने का खर्च करीब 3,000 से 8,000 रुपये तक आ सकता है. वहीं अगर कॉपर अर्थिंग करवाई जाती है, तो इसकी लागत लगभग 8,000 से 20,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. बड़े मकानों, फैक्ट्री या कमर्शियल बिल्डिंग में यह खर्च और बढ़ सकता है.
कैसे पता चले कि अर्थिंग सही है या नहीं?
अगर घर में बार-बार MCB ट्रिप होती है, बिजली के उपकरणों को छूने पर हल्का करंट महसूस होता है, या इलेक्ट्रॉनिक सामान बार-बार खराब हो रहा है, तो यह खराब अर्थिंग का संकेत हो सकता है. हालांकि, सिर्फ इन संकेतों के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए. किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से अर्थिंग टेस्टर की मदद से जांच करानी चाहिए. इसी टेस्ट से पता चलता है कि अर्थिंग सही तरीके से काम कर रही है या नहीं.
क्या समय-समय पर जांच भी जरूरी है?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुछ साल के अंतराल पर अर्थिंग की जांच जरूर करानी चाहिए. बारिश, मिट्टी की नमी, जंग लगने या समय के साथ अर्थिंग सिस्टम की क्षमता कम हो सकती है. समय पर जांच कराने से किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता है.
aajtak.in