7 जून 1939 को पहली बार ब्रिटिश सम्राट ने अमेरिका की यात्रा की. किंग जॉर्ज VI अमेरिका की यात्रा करने वाले पहले ब्रिटिश सम्राट बने. जब उन्होंने और अपनी पत्नी एलिजाबेथ के कनाडा-अमेरिका सीमा पार करके न्यूयॉर्क के नियाग्रा फॉल्स का दौरा किया. इससे पहले ब्रिटेन के किसी राजा ने अमेरिका की यात्रा नहीं की थी.
शाही दंपति ने बाद में न्यूयॉर्क शहर और वाशिंगटन डीसी का दौरा किया, जहां उन्होंने यूरोप में संकट के समाधान में अमेरिका से अहम भूमिका निभाने का अनुरोध किया. 12 जून को वे कनाडा लौट आए, जहां से उन्होंने अपने घर की यात्रा शुरू की.
जॉर्ज, जिन्होंने डार्टमाउथ नेवल कॉलेज में अध्ययन किया और प्रथम विश्व युद्ध में सेवा दी. अपने बड़े भाई, राजा एडवर्ड अष्टम के 11 दिसंबर, 1936 को सिंहासन त्यागने के बाद सिंहासन पर आसीन हुए. एडवर्ड, जो स्वेच्छा से अंग्रेजी सिंहासन छोड़ने वाले पहले अंग्रेजी सम्राट थे. उन्होंने एक अमेरिकी तलाकशुदा महिला वालिस वारफील्ड सिम्पसन से शादी करने की अपनी इच्छा की व्यापक आलोचना के मद्देनजर अपनी उपाधि छोड़ने पर सहमति व्यक्त की.
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान , राजा जॉर्ज ने बमबारी से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके और युद्ध क्षेत्रों का भ्रमण करके ब्रिटिश मनोबल को बनाए रखने का प्रयास किया. जॉर्ज और एलिजाबेथ युद्ध के दौरान बमबारी से क्षतिग्रस्त बकिंघम पैलेस में ही रहे. उन्होंने ग्रामीण इलाकों की अपेक्षाकृत सुरक्षित जगह को छोड़ दिया और जॉर्ज ने मनोबल बढ़ाने वाले कई महत्वपूर्ण रेडियो प्रसारण किए, जिसके लिए उन्होंने अपनी बोलने की अक्षमता पर काबू पाया.
युद्ध के बाद, शाही परिवार ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया, लेकिन 1949 में राजा के बीमार पड़ने के कारण ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की नियोजित यात्रा अनिश्चित काल के लिए स्थगित करनी पड़ी. अपनी बीमारी के बावजूद, उन्होंने 1952 में अपनी मृत्यु तक राजकीय कर्तव्यों का निर्वहन जारी रखा. उनके बाद उनकी सबसे बड़ी बेटी ने शासन संभाला, जिन्हें जून 1953 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के रूप में ताज पहनाया गया.
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