8 जून 1948 को एअर इंडिया की पहली इंटरनेशनल फ्लाइट ने उड़ान भरी थी. 'मालाबार प्रिंसेस' नाम का विमान मुंबई से काहिरा और जिनेवा होते हुए लंदन के लिए रवाना हुई. यह भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शुरू की गई एक साप्ताहिक हवाई सेवा थी. तब एअर इंडिया टाटा समूह के अंदर थी.
जब एअर इंडिया की पहली इंटरनेशन उड़ान रवाना हुई , तो इसने भारत के लिए आधुनिक युग के दरवाजे खोल दिए. यह उड़ान मुंबई से लंदन के लिए काहिरा और जिनेवा में रुकते हुए रवाना हुई. इस ऐतिहासिक घटना को फिलैटेलिक ब्यूरो द्वारा जारी 'पहली उड़ान' भारतीय डाक टिकट से चिह्नित किया गया. इसने दुनिया को यह संकेत दिया कि भारतीय विमानन उद्योग ने अपनी पहचान बना ली है.
यह भी पढ़ें: जब भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा हुआ, पूरी ट्रेन नदी में डूब गई, 800 लोग मारे गए थे
एअर इंडिया कभी टाटा समूह के अंतर्गत आती थी, क्योंकि जहांगीर रतनजी दादाभाई (जेआरडी) टाटा ने 1932 में इस एयरलाइन की स्थापना की थी. तब इसे टाटा एयरलाइंस कहा जाता था. 1946 में, टाटा संस के विमानन विभाग को एअर इंडिया के रूप में सूचीबद्ध किया गया और 1948 में, एयर इंडिया इंटरनेशनल ने यूरोप के लिए उड़ानें शुरू की.
यह भी पढ़ें: जब पहली बार कोई ब्रिटिश किंग अमेरिका गया, किंग जॉर्ज VI गए थे दौरे पर
एअर इंडिया की पहली फ्लाइट में जेआरडी टाटा ने उड़ान भरी थी. टाटा समूह को भारतीय विमानन का अग्रदूत माना जाता है. वहीं जेआरडी टाटा भारत के पहले वाणिज्यिक लाइसेंस प्राप्त पायलट थे. जेआरडी टाटा की वजह से भारतीयों का आसमान में उड़ने का सपना साकार हुआ.
aajtak.in