हर घर में बक्सों में भरे रहते हैं कोबरा... आखिर ये गांव वाले इनका क्या करते हैं?

वियतनाम का Vĩnh Sơn Village पिछले करीब 200 वर्षों से कोबरा फार्मिंग के लिए मशहूर है. यहां सैकड़ों परिवार हजारों जहरीले कोबरा पालते हैं और उनके अंडों, मांस, खाल और जहर से जुड़े कारोबार से अपनी आजीविका चलाते हैं. यह अनोखा बिजनेस करोड़ों रुपये का कारोबार करता है, लेकिन इसके साथ कई बड़े जोखिम भी जुड़े हैं.

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वियतनाम के एक गांव में हजारों जहरीले कोबरा लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बने हुए हैं. ( Photo: ITG) वियतनाम के एक गांव में हजारों जहरीले कोबरा लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बने हुए हैं. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में ऐसी भी कोई जगह होगी जहां लोग गाय, भैंस या मुर्गियां नहीं बल्कि जहरीले कोबरा पालकर लाखों-करोड़ों रुपये कमाते हों? वियतनाम का एक छोटा सा गांव पिछले करीब 200 वर्षों से इसी अनोखे और खतरनाक बिजनेस के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां के लोग हजारों कोबरा सांपों को अपने घरों और फार्मों में पालते हैं, उनके अंडों से नए सांप तैयार करते हैं और फिर उनके मांस, खाल, जहर और अन्य उत्पादों को बेचकर अच्छी कमाई करते हैं. लेकिन सवाल यह है कि इतने खतरनाक सांपों की खेती आखिर होती कैसे है? एक कोबरा को पालने में कितना खर्च आता ह और इस काम में कितने बड़े जोखिम शामिल हैं? आइए जानते हैं वियतनाम के मशहूर 'कोबरा विलेज' की हैरान कर देने वाली कहानी.

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जहां एक कोबरा को देखते ही लोगों की हालत खराब हो जाती है, वहीं वियतनाम के एक गांव में हजारों जहरीले कोबरा लोगों की रोजी-रोटी का जरिया बने हुए हैं. यहां के लोग पीढ़ियों से कोबरा फार्मिंग कर रहे हैं और हर साल लाखों सांपों के अंडे पैदा किए जाते हैं. सांपों को खाना खिलाने से लेकर उनके जहर निकालने और बाजार में बेचने तक का पूरा कारोबार बेहद अनोखा और रोमांचक है. आखिर कैसे चलता है यह खतरनाक बिजनेस और इससे कितनी कमाई होती है, आइए विस्तार से जानते हैं.

वियतनाम में कोबरा फार्मिंग कहां होती है?
कोबरा फार्मिंग के लिए सबसे प्रसिद्ध जगह है विन्ह सोन (Vĩnh Sơn Village). यह गांव लगभग 200 साल से सांप पालन के लिए जाना जाता है. यहां 600 से अधिक परिवार कोबरा पालते हैं और कई घरों में 1,000 से 5,000 तक सांप होते हैं. यह गांव वियतनाम के उत्तरी हिस्से में स्थित है और पिछले लगभग 200 वर्षों से सांप पालन की परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां सांप पालना केवल एक बिजनेस नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों का कल्चर और  लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है. गांव के अधिकांश परिवार कई पीढ़ियों से इसी काम से जुड़े हुए हैं और बच्चों को भी बचपन से ही सांपों की देखभाल और उन्हें संभालने की जानकारी दी जाती है.

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आज विन्ह सोन गांव में 600 से अधिक परिवार कोबरा और अन्य सांपों का पालन करते हैं. कई परिवारों के पास छोटे स्तर के फार्म हैं, जबकि कुछ बड़े फार्मों में 1,000 से लेकर 5,000 तक कोबरा रखे जाते हैं. गांव में घूमने पर आपको कई घरों के पीछे या आसपास विशेष रूप से बनाए गए सांप फार्म दिखाई देंगे, जहां हजारों जहरीले सांप सुरक्षित बाड़ों में रखे जाते हैं. इस गांव को सांपों का गांव भी कहा जाता है. यहां हर साल लाखों कोबरा अंडों का उत्पादन होता है और बड़ी संख्या में सांपों की बिक्री देश और विदेशों में की जाती है. स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा इसी बिजनेस पर निर्भर करता है. कई परिवार सांपों के मांस, खाल, अंडों और जहर की बिक्री से अपनी आय कमाते हैं.

विन्ह सोन की खास बात यह है कि यहां के लोगों ने समय के साथ पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ दिया है. पहले जहां सांपों को छोटे पैमाने पर पाला जाता था, वहीं अब कई फार्म व्यावसायिक स्तर पर काम कर रहे हैं. गांव में सांपों के लिए विशेष   ब्रिडिंग सेंटर भी बनाए गए हैं, जहां अंडों को सुरक्षित तरीके से तैयार कर नए सांप तैयार किए जाते हैं. इसी वजह से विन्ह सोन को आज दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध कोबरा फार्मिंग क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां हजारों लोगों की आजीविका सीधे तौर पर सांप पालन उद्योग से जुड़ी हुई है.

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कोबरा फार्मिंग का पूरा प्रोसेस

ब्रीडिंग स्टॉक तैयार करना
सबसे पहले स्वस्थ नर और मादा कोबरा चुने जाते हैं. ये लोग जंगली सांपों पर निर्भर नहीं रहते बल्कि फार्म में पैदा हुए सांपों से अगली पीढ़ी तैयार करते हैं. मादा कोबरा अंडे देती है. विन्ह सोन गांव में हर साल लाखों अंडे पैदा होते हैं. अंडों को सुरक्षित तापमान और नमी में रखा जाता है ताकि उनसे बच्चे निकल सकें. अंडों से निकलने वाले छोटे कोबरा अलग बक्सों या सुरक्षित पिंजरों में रखे जाते हैं. शुरुआती महीनों में उनकी मृत्यु दर अधिक हो सकती है, इसलिए विशेष निगरानी की जाती है. शुरुआत में कोबरा को प्राकृतिक शिकार जैसे चूहे और मेंढक खिलाए जाते थे. अब बड़े पैमाने पर चिकन की गर्दन, एक दिन के चूजे और पोल्ट्री उद्योग के बाय-प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं. भोजन में मिनरल सप्लीमेंट भी मिलाए जाते हैं. सांपों को रोज नहीं, बल्कि हर 3-4 दिन में खाना खिलाया जाता है.

सर्दियों में हाइबरनेशन
सर्द मौसम में कोबरा कम सक्रिय हो जाते हैं और कई बार उन्हें भोजन देने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे पालन की लागत भी कम होती है. सांपों को मजबूत सीमेंट या ईंट के बने बाड़ों में रखा जाता है ताकि वे भाग न सके. गांव के लोग पीढ़ियों से सांप संभालने का अनुभव रखते हैं. फिर भी हर साल सांप काटने की घटनाएं होती हैं.

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कौन लोग यह काम करते हैं?
यह कोई बड़ी कंपनी नहीं बल्कि पूरे गांव का फैमिली बिजनेस है. परिवारों में यह कला पीढ़ी-दर-पीढ़ी सिखाई जाती है. बच्चे भी बड़े होकर सांपों की देखभाल सीखते हैं.

कमाई कैसे होती है?
कोबरा फार्मिंग में केवल मांस ही नहीं बिकता. कोबरा के अंडे, छोटे सांप, सांप की खाल, सांप का जहर, स्नेक वाइन, पारंपरिक औषधीय उत्पाद.  इन सभी से अच्छी इनकम होती है. 2024 में विन्ह सोन के स्नेक बिजनेस से 100 अरब वियतनामी डोंग (लगभग 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक का कारोबार हुआ था.

लागत कितनी आती है?
सबसे बड़ा खर्च भोजन का होता है. सुरक्षित बाड़े और पिंजरे बनाने पड़ते हैं. लाइसेंस और निरीक्षण की लागत होती है. अंडों की हैचिंग और देखभाल पर खर्च होता है. प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होती है. गांव में हर साल लगभग 2,000 टन सांपों का भोजन इस्तेमाल होने की बात बताई गई है, जिससे पता चलता है कि फीड पर बहुत बड़ा खर्च आता है.

सबसे बड़ा खतरा क्या है?
कोबरा फार्मिंग जितनी लाभदायक दिखाई देती है, उतनी ही जोखिम भरी भी है. इस बिजनेस में सबसे बड़ा खतरा जहरीले कोबरा के काटने का होता है. एक छोटी सी लापरवाही भी गंभीर चोट या जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है. सांपों को खाना खिलाने, उनकी सफाई करने, एक बाड़े से दूसरे बाड़े में ले जाने या स्वास्थ्य जांच के दौरान फार्म संचालकों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है. इसके अलावा, कोबरा के जहर को निकालने की प्रक्रिया भी बेहद खतरनाक होती है. यदि इस दौरान कोई गलती हो जाए या सांप अचानक हमला कर दे, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है.

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इसके अलावा, सांपों में फैलने वाली बीमारियां भी किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय होती हैं. यदि किसी फार्म में संक्रमण फैल जाए तो बड़ी संख्या में सांप मर सकते हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. वहीं बाजार की मांग में कमी या कीमतों में गिरावट भी इस व्यवसाय को प्रभावित करती है. कई बार सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण या व्यापार से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिए जाते हैं, जिससे फार्म मालिकों को अतिरिक्त लाइसेंस, निरीक्षण और कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि कोबरा फार्मिंग में अच्छी कमाई के साथ-साथ हर कदम पर बड़ा जोखिम भी जुड़ा रहता है. गांव में पहले सालाना 200 तक सांप काटने की घटनाएं दर्ज होती थीं, हालांकि स्थानीय उपचार और अनुभव के कारण मौतें नहीं हुई.

चीन में भी कोबरा पाला जाता है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वह विन्ह सोन गांव से अंडे और ब्रीडिंग स्टॉक खरीदता रहा है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार गांव हर साल लाखों कोबरा अंडे देता है और बड़ी मात्रा में निर्यात भी करता है. वियतनाम की कोबरा फार्मिंग एक पारंपरिक पारिवारिक उद्योग है जिसमें अंडों से सांप तैयार किए जाते हैं, उन्हें 3-4 दिन में एक बार खिलाया जाता है, सुरक्षित बाड़ों में रखा जाता है और फिर अंडे, मांस, विष, खाल तथा अन्य उत्पादों के रूप में बेचा जाता है.

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