फोन में आने वाले अलर्ट में लिखा होता है ' बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश', इसका मतलब क्या है?

मौसम विभाग की ओर से अलर्ट आते हैं, उसमें बारिश का अनुमान अलग-अलग कैटेगरी में लगाया जाता है. जैसे-मध्यम, भारी और अत्यंत भारी बारिश. तो जानते हैं इनका मतलब क्या है?

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बारिश के अलर्ट में बरसात की कैटेगरी भी लिखी जाती है. (Photo: PTI) बारिश के अलर्ट में बरसात की कैटेगरी भी लिखी जाती है. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

बारिश के मौसम में आपके मोबाइल पर मौसम विभाग का अलर्ट आता होगा. इन अलर्ट में बताया जाता है कि कुछ घंटों बाद मौसम कैसा रहने वाला है. इसमें ये भी बताया जाता है कि कितनी बारिश होने वाली है. बारिश के लिए बहुत हल्की बारिश, हल्की बारिश, मध्यम बारिश, भारी बारिश, बहुत भारी बारिश, अत्यंत भारी बारिश आदि शब्दों को इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन, टीवी, इंटरनेट पर तेज बारिश के लिए मूसलाधार बारिश का भी इस्तेमाल भी किया जाता है. ऐसे में जानते हैं कि ये तेज, मध्यम बारिश का क्या मतलब है ताकि अगले अलर्ट में आप समझ पाएंगे कि कुछ घंटों बाद कितनी तेज बारिश आने वाली है...

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कैसे तय होती है बारिश की कैटेगरी?

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बारिश की तीव्रता का आकलन 24 घंटे में दर्ज हुई बारिश के आधार पर किया जाता है. यह अवधि आमतौर पर सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक मानी जाती है. इसी दौरान किसी स्थान पर जितनी बारिश रिकॉर्ड होती है, उसके आधार पर उसे अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है. 

किस कैटेगरी में कितनी बारिश?

बारिश नहीं (No Rain)- इसका मतलब 0.0 मिमी बारिश है यानी बिल्कुल बारिश नहीं होगी. 

बहुत हल्की बारिश (Very Light Rain)- इसका मतलब 2.4 मिमी तक बारिश हो सकती है यानी कुछ बूंदें पड़ें, सड़क मुश्किल से गीली हो. कई जगह छाता भी न निकालना पड़े. 

हल्की बारिश (Light Rain)- इसमे 2.5–15.5 मिमी तक बारिश हो सकती है. इसका मतलब है लगातार फुहार या धीमी बारिश. सड़कें गीली हो जाएं, लेकिन जलभराव न हो.

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मध्यम बारिश (Moderate Rain)- इस तरह की बारिश में 15.6–64.4 मिमी तक अच्छी बारिश होती है. कुछ घंटों में सड़कों पर पानी भरना शुरू हो सकता है और ट्रैफिक धीमा पड़ सकता है. लेकिन ज्यादा देर तक ऐसी बारिश होती है तो जलभराव संभव है. 

भारी बारिश (Heavy Rain)- इस तरह की बारिश में 64.5–115.5 मिमी तक तेज बारिश आती है. इस स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, वाहन चलाने में परेशानी और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगता है. 

बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain)- इसमें 115.6–204.4 मिमी तक बारिश होती है. इससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं. सड़कें बंद हो सकती हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जाती है.

अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rain)- इसमें 204.5 मिमी या अधिक बारिश होती है. इसमें बेहद गंभीर स्थिति होती है. फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका रहती है. 

क्या होती है मूसलाधार बारिश?
अक्सर समाचारों और आम बातचीत में मूसलाधार बारिश शब्द का इस्तेमाल होता है. हालांकि, IMD की ऑफिशियल कैटेगरी में मूसलाधार बारिश नाम की कोई अलग कैटेगरी नहीं है.  मौसम विभाग की ओर से ऊपर दी गई कैटेगरी का ही इस्तेमाल होता है.
 

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