अगर आप नौकरी, पढ़ाई या किसी दूसरे कारण से एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट हो रहे हैं और सोच रहे हैं कि अपनी कार को कैसे ले जाएं, तो आपके लिए ट्रेन एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय रेलवे सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि बाइक व कारों को भी एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने की सुविधा देता है. यानी अगर आप दिल्ली से मुंबई, बेंगलुरु से कोलकाता या किसी भी दूसरे बड़े शहर में जा रहे हैं, तो अपनी कार ट्रेन के जरिए भेज सकते हैं.
क्या सच में ट्रेन से कार भेजी जा सकती है?
जी हां, भारतीय रेलवे की पार्सल सेवा के जरिए कार को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक भेजा जा सकता है. रेलवे लंबे समय से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की ढुलाई की सुविधा देता आ रहा है. इसके लिए वाहन को पार्सल के रूप में बुक करना होता है.
कार भेजने की प्रक्रिया क्या है?
सबसे पहले आपको उस रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय जाना होगा, जहां से कार भेजनी है. इसके बाद आम पार्सल बुकिंग के जरिए ही कारों की भी बुकिंग होती है. हालांकि, कार पार्सल करने के लिए आमतौर पर कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है.
आपके पास कार का RC, अपना पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस आदि होना चाहिए. वाहन मालिक का वैरिफाइड पता देना होता है. कुछ मामलों में वाहन के बीमा से जुड़े दस्तावेज भी देने होते हैं.
इन डॉक्यूमेंट्स को जमा करने के बाद रेलवे अधिकारी वाहन का निरीक्षण करते हैं और किराया तय किया जाता है. इसके बाद कार को विशेष पार्सल या वाहन परिवहन डिब्बे में लोड किया जाता है.
कितना खर्च आता है?
कार भेजने का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है. इसमें कार का वजन, वाहन का आकार, दूरी, संबंधित रेलवे रूट आदि शामिल होते हैं. इसी वजह से हर वाहन और रूट का किराया अलग हो सकता है. सटीक किराए की जानकारी रेलवे के पार्सल कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से मिल सकती है.कार के साथ खुद भी यात्रा करना जरूरी नहीं है. पार्सल सेवा में कार को अलग से भेजा जाता है. वाहन मालिक का उसी ट्रेन में सफर करना जरूरी नहीं होता है.
कार पार्सल बुकिंग की जानकारी कहां मिलेगी?
भारतीय रेलवे ने पार्सल सेवाओं के लिए अलग पोर्टल बनाया है. यहां आप पार्सल बुकिंग, अनुमानित किराया और अन्य जानकारी देख सकते हैं. इसके अलावा किसी भी रेलवे पार्सल बुकिंग ऑफिस में जाकर भी कार बुक करने की जानकारी ली जा सकती है.
लंबी दूरी पर कार खुद चलाकर ले जाने में समय, ईंधन और थकान तीनों लगते हैं. वहीं ट्रेन के जरिए वाहन भेजना अक्सर सुविधाजनक और अपेक्षाकृत किफायती विकल्प माना जाता है. यही वजह है कि हर साल हजारों लोग नौकरी, ट्रांसफर या घर बदलने के दौरान रेलवे की इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं.
aajtak.in