जब रोम में लगी थी भीषण आग, तीन दिन तक जलता रहा था शहर

आज के दिन ही रोम में भीषण आग लगी थी. तब रोम पर नीरो का शासन था. कई प्रचलित कहानियों में यह धारणा है कि जब रोम में आग लगी थी तो नीरो चैन की बंसी बजा रहा था. इसको लेकर कई तरह के सिद्धांत इतिहासकारों ने दिए हैं.

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रोम में आज के दिन ही ऐतिहासिक आग लगी थी (Photo - Pexels) रोम में आज के दिन ही ऐतिहासिक आग लगी थी (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:32 AM IST

19 जुलाई 64 ईस्वी को रोम में भीषण आग लग गई और शहर का अधिकांश भाग नष्ट हो गया. प्रचलित कहानियों के बावजूद, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि रोमन सम्राट नीरो ने आग लगाई थी या आग लगने के दौरान वायलिन बजाया थ. फिर भी, उसने इस आपदा का उपयोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया. इसी घटना से एक प्रसिद्ध कहावत भी जुड़ी है - जब रोम जल रहा था, तो नीरो बंसी बजा रहा था.

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यह आग मशहूर पैलेटाइन हिल के दक्षिण में स्थित एक जिले की झुग्गी-झोपड़ियों में लगी. इलाके के घर बहुत तेजी से जल गए और तेज हवाओं के कारण आग उत्तर की ओर फैल गई. आग के दौरान मची अफरा-तफरी में बड़े पैमाने पर लूटपाट की खबरें भी आईं. आग लगभग तीन दिनों तक बेकाबू रही. रोम के 14 जिलों में से तीन पूरी तरह से नष्ट हो गए, केवल चार ही इस भीषण आग से अछूते रहे. आग में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए.

 प्रचलित किंवदंती के अनुसार, सम्राट नीरो शहर के जलने के दौरान वायलिन बजा रहे थे, यह कहानी कई मायनों में गलत है. पहली बात तो यह है कि उस समय वायलिन का अस्तित्व ही नहीं था. इसके विपरीत, नीरो वीणा बजाने में अपनी प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध थे. वे अक्सर अपना संगीत स्वयं रचते थे. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आग लगने के समय नीरो वास्तव में एंटियम में 35 मील दूर थे. दरअसल, उन्होंने अपने महल को आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.

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लोककथाओं के अनुसार, नीरो को इसके लिए कई कारणों से दोषी ठहराया जाता रहा है. नीरो को शहर की सुंदरता पसंद नहीं थी और उसने आग से हुई तबाही का फायदा उठाकर शहर में काफी बदलाव किए और पूरे शहर में नए भवन निर्माण नियम लागू किए. नीरो ने रोम में ईसाइयों के बढ़ते प्रभाव को दबाने के लिए भी आग का इस्तेमाल किया. उसने सैकड़ों ईसाइयों को इस बहाने गिरफ्तार किया, यातनाएं दीं और मार डाला कि उनका आग लगाने में हाथ था.

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