चींटियों को खाकर नशे में धुत हो रही ये समुद्री पक्षी! ये है वजह

ब्रिटेन में समुद्री पक्षी सीगल नशे में धुत हो सड़कों पर लड़खड़ाते दिखाई दे रहे हैं. वैज्ञानिकों ने जब इस अजीब व्यवहार का पता लगाने की कोशिश की तो उनके पता चला कि एक खास तरह की चीटियों को खाने के बाद उनका हाल ऐसा हो जाता है.

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यहां नशे में धुत हो लड़खड़ाते दिख रहे ये समुद्री पंछी (Photo - Pexels) यहां नशे में धुत हो लड़खड़ाते दिख रहे ये समुद्री पंछी (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:47 PM IST

क्या आपने कभी किसी पक्षी को लड़खड़ाकर चलते देखा है? आमतौर पर ऐसा नजारा किसी बीमारी या चोट की वजह से देखने को मिलता है. लेकिन ब्रिटेन में इन दिनों समुद्री पक्षियों (सीगल) के साथ कुछ ऐसा हो रहा है, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है. ये पक्षी सड़कों पर नशे में धुत इंसानों की तरह डगमगाते नजर आ रहे हैं. अब विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी वजह शराब नहीं, बल्कि कुछ और ही है. वैज्ञानिकों का मानना है कि उड़ने वाली चींटियां इसकी वजह हो सकती हैं.

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डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के सफोल्क के तटीय शहर लोवेस्टॉफ्ट और एल्डबर्ग में बड़ी संख्या में सीगल पक्षियों को सड़कों और फुटपाथों पर लड़खड़ाते हुए देखा गया है. कई पक्षी इतनी अजीब तरह से चल रहे थे कि लोग उन्हें बीमार या घायल समझ बैठे.

आखिर चींटियां कैसे बना रही हैं 'नशेड़ी'?
ब्रिटिश ट्रस्ट फॉर ऑर्निथोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. वायोला रॉस-स्मिथ का कहना है कि इन पक्षियों के इस व्यवहार की एक दिलचस्प वजह हो सकती है. उनके मुताबिक, गर्मियों में बड़ी संख्या में उड़ने वाली चींटियां बाहर निकलती हैं और सीगल उन्हें बड़े चाव से खाते हैं. खतरा महसूस होने पर ये चींटियां अपने बचाव के लिए फॉर्मिक एसिड नाम का एक रसायन छोड़ती हैं.

डॉ. रॉस-स्मिथ के अनुसार, अगर कोई सीगल एक साथ बहुत ज्यादा चींटियां खा ले, तो उसके शरीर में फॉर्मिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है. यह एक हल्का विषैला पदार्थ है, जिसकी वजह से पक्षी कुछ समय के लिए लड़खड़ाने लगते हैं और उनका व्यवहार ऐसा दिखता है, जैसे उन्होंने शराब पी रखी हो.

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उन्होंने कहा कि हमारा अनुमान है कि फॉर्मिक एसिड सीगल पर कुछ वैसा ही असर करता है, जैसा इंसानों पर शराब यानी एथेनॉल का होता है. फिलहाल यह सिर्फ एक वैज्ञानिक अनुमान है.  हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि अभी इसे पूरी तरह साबित नहीं किया जा सका है.

डॉ. रॉस-स्मिथ कहती हैं कि यह फिलहाल एक वैज्ञानिक परिकल्पना है. इसके अलावा दूसरी संभावनाएं भी हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि हो सकता है कि पक्षी इतने ज्यादा भोजन में व्यस्त हों कि उन्हें आसपास का ध्यान ही न रहे. या फिर अचानक इतनी बड़ी मात्रा में खाना मिलने से उनका व्यवहार बदल गया हो.

सड़कों पर डगमगाते दिख रहे हैं सीगल
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन दिनों कई जगहों पर सीगल सड़कों पर झुंड बनाकर चलते दिख रहे हैं. वे कभी फुटपाथ पर लड़खड़ाते हैं तो कभी वाहनों के सामने आ जाते हैं. डॉ. रॉस-स्मिथ कहती हैं. आमतौर पर सीगल काफी निडर होते हैं और इंसानों से नहीं डरते, लेकिन इस समय उनका व्यवहार अलग दिखाई दे रहा है. मैं चाहूंगी कि इस पर वैज्ञानिक अध्ययन हो, ताकि पता चल सके कि क्या सचमुच फॉर्मिक एसिड ही इसकी वजह है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई सीगल थोड़ा सुस्त या डगमगाता हुआ दिखाई दे तो घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, अगर पक्षी गंभीर रूप से बीमार या घायल लगे, तभी वन्यजीव बचाव संगठन या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए.

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उनके मुताबिक, फिलहाल ये पक्षी सिर्फ मौसम का फायदा उठाकर चींटियों से मिलने वाला प्रोटीन भरपूर मात्रा में खा रहे हैं. इसी बीच विशेषज्ञों ने एक और चेतावनी दी है. उनका कहना है कि समुद्र का बढ़ता तापमान भविष्य में ब्रिटेन के समुद्री जीवन को पूरी तरह बदल सकता है.

ब्रिटिश वेदर सर्विसेज के संस्थापक और समुद्र विज्ञानी जिम डेल का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से कई नई समुद्री प्रजातियां ब्रिटेन के समुद्री इलाकों में पहुंच सकती हैं.उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समुद्र गर्म होगा, वैसे-वैसे अलग-अलग जीव अपने पसंदीदा तापमान वाले इलाकों की ओर पलायन करेंगे.

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जिम डेल के मुताबिक, भविष्य में ग्रेट व्हाइट शार्क, हैमरहेड शार्क और बॉक्स जेलीफिश जैसी प्रजातियां भी ब्रिटेन के समुद्री इलाकों में दिखाई दे सकती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कॉड मछलियां ठंडा पानी पसंद करती हैं, इसलिए वे उत्तर की ओर जा रही हैं. वहीं जेलीफिश गर्म पानी पसंद करती हैं, इसलिए उनकी संख्या बढ़ सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ मौसम ही नहीं बदल रहा, बल्कि समुद्री जीवों की दुनिया भी तेजी से बदल रहा है. ऐसे में आने वाले वर्षों में समुद्र किनारे दिखने वाले नजारे आज की तुलना में बिल्कुल अलग हो सकते हैं.

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