अगर आप किराए के घर में रहते हैं और दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ घर पर छोटी-सी पार्टी करना चाहते हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि क्या मकान मालिक इसके लिए मना कर सकता है? कई बार किरायेदारों की शिकायत होती है कि मकान मालिक पार्टी, मेहमान बुलाने या जन्मदिन मनाने तक पर रोक लगा देता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कानून क्या कहता है?
क्या किराएदार को घर में पार्टी करने का अधिकार है?
अगर आपने किसी मकान को कानूनी तरीके से किराए पर लिया है, तो जब तक रेंट एग्रीमेंट लागू है, उस घर का इस्तेमाल करने का अधिकार आपके पास होता है. इसका मतलब यह है कि आप अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को घर बुला सकते हैं, जन्मदिन मना सकते हैं या छोटी-सी गेट-टुगेदर रख सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप ऐसी पार्टी करें जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो या कानून का उल्लंघन हो.
क्या मकान मालिक सीधे मना कर सकता है?
अगर पार्टी सामान्य तरीके से हो रही है, ज्यादा शोर नहीं है, किसी की सुरक्षा या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंच रहा है और सोसायटी के नियमों का पालन किया जा रहा है, तो सिर्फ 'मुझे पसंद नहीं है' कहकर मकान मालिक पार्टी पर रोक नहीं लगा सकता. हालांकि, अगर किराए के एग्रीमेंट में पहले से साफ लिखा है कि घर में पार्टी, बड़े समारोह या ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं लगाई जाएगी, तो किराएदार को उस शर्त का पालन करना होगा.
कानून क्या कहता है?
भारत में रेंट एग्रीमेंट से जुड़े नियम अलग-अलग राज्यों के कानूनों और मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 के सिद्धांतों के आधार पर चलते हैं. यह कानून मकान मालिक और किराएदार दोनों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को बैलेंस करने की बात करता है.कानून का उद्देश्य यह है कि किराएदार को घर का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करने का अधिकार मिले, वहीं मकान मालिक की संपत्ति और हितों की भी सुरक्षा बनी रहे. यानी दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं.
रात भर तेज आवाज में पार्टी की तो क्या होगा?
यहीं सबसे बड़ा फर्क आता है. अगर पार्टी इतनी तेज हो कि पड़ोसियों की नींद खराब हो जाए, तेज म्यूजिक बजे, शराब पीकर हंगामा हो, झगड़ा हो या सार्वजनिक शांति भंग हो, तो मामला सिर्फ मकान मालिक का नहीं रह जाता. ऐसी स्थिति में पड़ोसी पुलिस में शिकायत कर सकते हैं. कई शहरों में रात के समय तेज आवाज में डीजे या लाउड म्यूजिक बजाने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन कार्रवाई कर सकता है. यानी पार्टी करने की आजादी है, लेकिन दूसरों को परेशान करने की नहीं.
अगर घर को नुकसान हुआ तो?
मान लीजिए पार्टी के दौरान घर की दीवार टूट गई, फर्नीचर खराब हो गया या कोई दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचा.ऐसी स्थिति में मकान मालिक किराएदार से नुकसान की भरपाई मांग सकता है. अगर नुकसान ज्यादा है या एग्रीमेंट की शर्तों का गंभीर उल्लंघन हुआ है, तो यह भविष्य में किराएदारी खत्म करने का कारण भी बन सकता है.
वकीलों की क्या राय है?
कई कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किराएदार को किराए पर लिए गए घर का सामान्य उपयोग करने का पूरा अधिकार होता है. इसमें दोस्तों और रिश्तेदारों का आना-जाना या छोटे स्तर की पार्टी करना भी शामिल है. लेकिन वकीलों के अनुसार, यह अधिकार उचित उपयोग तक ही सीमित है. अगर पार्टी की वजह से शोर-शराबा, अवैध गतिविधि, सोसायटी के नियमों का उल्लंघन या संपत्ति को नुकसान होता है, तो मकान मालिक कार्रवाई कर सकता है. यदि किराए के एग्रीमेंट में पार्टी या बड़े समारोह पर विशेष शर्तें लिखी गई हैं, तो वे भी कानूनी रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
किराएदार को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
किराएदार पार्टी से पहले किराए का एग्रीमेंट जरूर पढ़ लें. इसके साथ ही अगर सोसायटी में पहले से परमिशन लेने का नियम है, तो उसका पालन करें. रात में तेज आवाज में म्यूजिक न बजाएं. शराब पीकर हंगामा या कानून तोड़ने वाली गतिविधियों से बचें. घर और आसपास की संपत्ति का नुकसान न होने दें. पड़ोसियों की सुविधा का भी ध्यान रखें.
किराए के घर में रहना मतलब यह नहीं कि आपकी पर्सनल लाइफ खत्म हो गई. आप दोस्तों को बुला सकते हैं,बर्थ-डे मना सकते हैं और छोटी पार्टी भी कर सकते हैं. लेकिन यह अधिकार जिम्मेदारी के साथ आता है. अगर पार्टी सामान्य है, किसी को परेशानी नहीं हो रही और किराए के एग्रीमेंट की शर्तों का पालन किया जा रहा है, तो केवल अपनी पसंद-नापसंद के आधार पर मकान मालिक आपको रोक नहीं सकता. वहीं अगर शोर-शराबा, नुकसान या नियमों का उल्लंघन होता है, तो मकान मालिक के पास कार्रवाई करने का अधिकार भी होता है.
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