हाथियों में क्यों 'दुर्लभ' माना जाता है जुड़वा बच्चों का जन्म? कैमरे में कैद हुआ दुर्लभ नजारा

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में एक जंगली हथिनी अपने दो जुड़वा नवजात बच्चों (शावकों) के साथ अठखेलियां करती नजर आई है, जिसे विज्ञान और प्रकृति का एक दुर्लभ चमत्कार माना जा रहा है.

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22 महीने के गर्भकाल के बाद हथिनी ने दिया जुड़वा शावकों को जन्म.(Photo:ITG) 22 महीने के गर्भकाल के बाद हथिनी ने दिया जुड़वा शावकों को जन्म.(Photo:ITG)

अंकित शर्मा

  • देहरादून,
  • 17 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:16 PM IST

उत्तराखंड का कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन इस बार यहां से जो तस्वीर सामने आई है, उसने पूरी दुनिया के वन्यजीव विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कॉर्बेट के जंगलों में एक जंगली हथिनी अपने दो जुड़वा (Twins) नवजात शावकों के साथ घूमती हुई देखी गई है. इन दोनों नन्हें बच्चों का अपनी मां के साथ जंगल में मस्ती करने और दूध पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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पार्क प्रशासन के अनुसार, इस दुर्लभ नजारे को सबसे पहले वन विभाग की गश्ती टीम ने देखा था. 9 मई को कॉर्बेट के बिजरानी रेंज के अंतर्गत आने वाले 'जड़पहाड़' क्षेत्र में वन कर्मियों ने इस हथिनी को दो बेहद छोटे नवजात बच्चों के साथ देखा.

इसके बाद 12 और 13 मई को पार्क के 'गर्जिया टूरिज्म जोन' में सफारी पर गए पर्यटकों और वन विभाग की टीमों को दोबारा यह खूबसूरत नजारा दिखा, जिसके बाद कई लोगों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया.

हाथियों में क्यों 'महा-दुर्लभ' माना जाता है जुड़वा बच्चों का जन्म?
वन्यजीव विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के अनुसार, हाथियों के कुनबे में जुड़वा बच्चों का जन्म होना लाखों में एक मामला होता है. इसके पीछे मुख्य वैज्ञानिक कारण निम्नलिखित हैं:

लंबा गर्भकाल
हथिनी का गर्भकाल दुनिया के सभी स्तनधारियों में सबसे लंबा यानी लगभग 22 महीने का होता है. इतने लंबे समय के बाद हथिनी सामान्यतः केवल एक ही बच्चे को जन्म देती है. देखें VIDEO:- 

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जीवित रहने की कम संभावना

हाथियों में जुड़वा गर्भधारण के मामले बहुत कम होते हैं और यदि ऐसा हो भी जाए, तो जन्म के समय या तो एक बच्चा दम तोड़ देता है या फिर मां की जान को खतरा रहता है. 

कॉर्बेट पार्क में दोनों शावक पूरी तरह एक्टिव और स्वस्थ हैं, जो वन्यजीव संरक्षण और पार्क के अनुकूल वातावरण के लिहाज से एक बेहद सुखद और सकारात्मक संकेत है.

इनका कहना

कॉर्बेट नेशनल पार्क के डायरेक्टर साकेत बडोला ने इस दुर्लभ घटना की पुष्टि करते हुए अपनी खुशी जाहिर की है. कहा, "हाथियों में जुड़वा बच्चों का जन्म और दोनों का पूरी तरह स्वस्थ होना वास्तव में प्रकृति का एक अनोखा करिश्मा है. पार्क प्रशासन दोनों बच्चों और मां की सेहत पर पूरी नजर रख रहा है. वन विभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ और गश्ती टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और पर्यटकों को इस परिवार के ज्यादा नजदीक न जाने दें, क्योंकि नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर हथिनी इस समय काफी आक्रामक हो सकती है."  

इस खबर के सामने आने के बाद से कॉर्बेट पार्क में पर्यटकों का उत्साह और ज्यादा बढ़ गया है. प्रकृति प्रेमी इस ऐतिहासिक पल को भारत के वन्यजीव इतिहास का एक अनमोल तोहफा मान रहे हैं.

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