यूपी: फिर इत्र की खुशबू से महकेंगी कन्नौज की फिजाएं, परफ्यूम म्यूजियम और पार्क बनाने की कोशिशें तेज

यूपी के कन्नौज में परफ्यूम पार्क और म्यूजियम बनाने के लिए यूपीसीडा ने कोशिशें शुरू कर दी हैं. यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इसी क्रम में वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. कन्नौज में देश का सबसे बेहतरीन परफ्यूम पार्क और म्यूजियम तैयार करने की योजना बनाई जा रही है.

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कन्नौज में इत्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा (सांकेतिक तस्वीर) कन्नौज में इत्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा (सांकेतिक तस्वीर)

तनसीम हैदर

  • कन्नौज,
  • 03 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST
  • पूरी दुनिया में मशहूर है कन्नौज का इत्र
  • संसाधनों की कमी से जूझ रहा हैं लोग
  • सरकार से मदद की लगा रहे हैं गुहार

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में परफ्यूम पार्क और म्यूजियम बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यूपीसीडा) ने वेबिनाय आयोजित कर देशभर के दिग्गज मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. यूपी सीडा की कोशिश है कि देश का सबसे खूबसूरत परफ्यूम पार्क और म्यूजियम कन्नौज में तैयार हो.

कन्नौज का इत्र दरअसल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है. पर्याप्त संसाधन न होने की वजह से लोग इत्र का पुश्तैनी काम छोड़ने की बात करते हैं. कन्नौज में यह पारंपरिक तौर पर होता आया है. अब योगी सरकार कोशिश कर रही है कि इत्र की नगरी को बेहतरीन संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, जिससे फिर से यहां की महक पूरी दुनिया में फैले. 

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अगर यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की कोशिशें तेज कामयाब होती हैं तो इत्र के इस पुराने शहर को बेहतरीन संसाधनों से एक बार फिर महकाया जा सकता है. प्रयासों को देखकर लग रहा है कि यहां एक बार फिर से दिन बहुर सकते हैं. 


 

इत्र उद्योग पर छाए संकट के बादल

दरअसल जब-जब खुशबू की बात होती है तो सबके जेहन में कन्नौज का नाम आता है. देश के साथ दुनिया यहां के इत्र की फैन है. यहां फूल, पत्तियों और घास से ही नहीं बल्कि मिट्टी तक से खुशबू निकालकर इत्र बनाने का काम किया जाता है. जनश्रुति है कि एक दौर था, जब कन्नौज में नालियों तक में इत्र महकता था, लेकिन पिछले काफी समय से इत्र उद्योग पर संकट के बादल छाते जा रहे हैं.

संसाधनों की कमी से जूझ रहा है कन्नौज

इत्र बनाने की आधुनिक तकनीक के अभाव में यहां की इत्र फैक्ट्रियां धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं. उम्मीद है कि संग्रहालय स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा. इतना ही नहीं, यह शुद्ध और प्राकृतिक परफ्यूम बनाने की शहर की विरासत को प्रचारित करेगा. संसाधनों के अभाव में कृत्रिम इत्र कंपनियों और पारंपरिक इत्र के व्यापार में मुश्किलें आ रही हैं, जिसकी वजह से लोग पुश्तैनी काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.

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