यूपी: घोड़े में जानलेवा बीमारी, इंजेक्शन देकर ली गई जान, इंसानों में भी फैलने का अंदेशा

गोंडा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया की यह जानलेवा बीमारी घोड़े व खच्चरों में होती है और यह पशुओं से मनुष्यों में भी फैल सकती है. इस बीमारी का कोई इलाज नही है, इसलिए ग्लैंडर्स पॉजिटिव घोड़े को दर्द रहित मौत देकर दफना दिया गया.

Advertisement
यूपी के घोड़े में पाई गई जानलेवा बीमारी यूपी के घोड़े में पाई गई जानलेवा बीमारी

अंचल श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 03 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 9:47 AM IST
  • गोंडा में घोड़े में पाई गई जानलेवा बीमारी
  • घोड़े की ग्लैंडर्स रिपोर्ट पॉजिटिव
  • मनुष्यों में भी फैल सकता है ये वायरस

कोरोना वायरस ने जहां एक तरफ पूरे विश्व में कोहराम मचा रखा है, तो वहीं यूपी के गोंडा जिले में एक घोड़े में बरखोडिया मेलियाई नामक जानलेवा बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया. हिसार लैब से घोड़े की ग्लैंडर्स पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बाकायदा पीपीई किट पहनकर घोड़े को इंजेक्शन से दर्द रहित मौत देकर गहरे गड्ढे में दफना दिया. 

Advertisement

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आरएस राठौर ने बताया की यह जानलेवा बीमारी घोड़े व खच्चरों में होती है और यह पशुओं से मनुष्यों में भी फैल सकती है. इस बीमारी का कोई इलाज नही है, इसलिए ग्लैंडर्स पॉजिटिव घोड़े को दर्द रहित मौत देकर शुक्रवार को दफना दिया गया.

आपको बता दें कि गोंडा जिले के करनैलगंज कस्बे के एक घोड़े की तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी. जब उसे पशु अस्पताल में दिखाया गया, तो वहां उसका सैंपल लिया गया और उसे हिसार लैब में भेज दिया गया. लैब से उसकी रिपोर्ट ग्लैंडर्स पॉजिटिव आई, जिससे पशु विभाग सतर्क हो गया. जांच में पता चला कि यह घोड़ा बरखोडिया मेलियाई नामक खतरनाक बैक्टीरिया से संक्रमित है. 

घोड़े को दफना दिया

गोंडा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्लैंडर्स पॉजिटिव बीमारी घोड़ों से मनुष्य में भी फैल सकती है. यह जेनेटिक बीमारी है, इसलिए लगातार इसकी निगरानी की जाती है. यहां से रेगुलर सैंपल हिसार लैब भेजे जाते हैं. यह बीमारी लाइलाज है और अगर यह मनुष्य में हो जाए तब भी इसका इलाज नहीं है. इसलिए घोड़े को मारना ही इसका एक उपाय है. 

Advertisement


Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »