यूपी: किराए के मकान में चला रहे थे फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज, STF ने ऐसे किया गिरफ्तार

गोरखपुर में यूपी एसटीएफ ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एक किराए के मकान में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे. यह रैकेट बांग्लादेश में बैठे एक शख्स के इशारे पर चल रहा था.

Advertisement
पुलिस ने अरबाज खान (बाएं) और आरिफ खान (दाएं) को किया है गिरफ्तार. पुलिस ने अरबाज खान (बाएं) और आरिफ खान (दाएं) को किया है गिरफ्तार.

संतोष शर्मा

  • गोरखपुर,
  • 13 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:20 PM IST
  • बांग्लादेश से चलाया जा रहा था रैकेट
  • सस्ते दरों पर कराते थे इंटरनेशनल कॉल
  • लैपटॉप, 100 इंटरनेट शेयर स्लॉट बरामद

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फेक टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. रैकेट के दो सक्रिय सदस्यों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. दोनों गोरखपुर में ही रहकर एक किराए के मकान में फेक टेलीफोन एक्सचेंज ऑपरेट कर रहे थे. आरोपियों के नाम अरबाज और आरिफ खान हैं.

गोरखपुर के कोतवाली इलाके से एसटीएफ को इनपुट मिला कि यहां फेक टेलीफोन एक्सचेंज रैकेट चलाया जा रहा है. इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने पड़ताल की तो पता चला, इसके जरिए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य खाड़ी के देशों में यहां से सस्ते दरों में इंटरनेशन कॉल कराई जा रही थी.

Advertisement

बांग्लादेश में बैठा केटी नाम का एक शख्स इस रैकेट का सरगना था, जिसके इशारे पर फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का काम हो रहा था. कूरियर के जरिए केटी ने सिंगापुर के 100 के करीब सिम बॉक्स भेजे थे. सामने आई जानकारी के मुताबिक दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खाते में 15 पैसे पर मिनट के कमीशन पर बैंक अकाउंट में पैसे भेजे जा रहे थे.

पुलिस ने ही जेल में गैंगस्टर लॉरेंस को भिजवाया मोबाइल, फिर एक कॉल... और काला जठेड़ी जाल में 

100 नेट शेयर स्लॉट बरामद

यह कॉल किस मकसद से की जाती थी, किन लोगों से बात की जाती थी, इसके बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी है. एसटीएफ ने छापेमारी में आरोपियों के पास से करीब 100 इंटरनेट शेयर स्लॉट का सिम बॉक्स बरामद किया है. 69 नेट सेटर, 24 सिम कार्ड और 2 लैपटॉप भी छापेमारी में बरामद किए गए हैं.

 

Advertisement
आरोपियों के पास से बरामद सामग्री.

गैंग के बारे में पड़ताल कर रही एसटीएफ

एसटीएफ आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि इस रैकेट में कितने और लोग शामिल हो सकते हैं. इस गैंग का सरगना कौन है और इसका जाल कहां तक फैला हुआ है. गोरखपुर युनिट की एसटीएफ आरोपियों से पूरे प्रकरण के बारे में सवाल कर रही है. 
 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »