बिप्लब के महाभारत के बाद दिनेश शर्मा का रामायण ज्ञान- टेस्ट ट्यूब से पैदा हुई थीं सीता

महाभारत काल पर ज्ञान देते हुए उन्होंने दावा किया कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति, प्लास्टिक सर्जरी और परमाणु की खोज भी कहीं और नहीं बल्कि भारत में हुई थी. यही नहीं उन्होंने महाभारत काल की तकनीक का बखान करते हुए कहा कि उस समय भी उत्तम तकनीक मौजूद थी.

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उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

अजीत तिवारी

  • मथुरा,
  • 01 जून 2018,
  • अपडेटेड 2:54 PM IST

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव के बाद उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अटपटा बयान दिया है. मथुरा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीता जी का जन्म मिट्टी के बर्तन से हुआ था, यानी उस समय भी टेस्ट ट्यूब से बच्चे पैदा करने का कॉन्सेप्ट था.

दिनेश शर्मा ने कहा कि सीता जी भी टेस्ट ट्यूब बेबी हो सकती हैं. उन्होंने कहा, 'रामायण काल में माता सीता का जन्म एक मिट्टी के बर्तन यानी घड़े से हुआ था, यानी रामायण के समय में टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक रही होगी.'

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नारद पहले पत्रकार

यही नहीं, अपने संबोधन में दिनेश शर्मा ने महाभारत और रामायण काल की तकनीक का जमकर बखान किया और नारद भगवान को पहला पत्रकार भी बताया. हिंदी पत्रकारिता दिवस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की शुरुआत आधुनिककाल में ही नहीं हुई थी, ये तो महाभारत काल से चली आ रही है. उन्होंने कहा कि नारद जी पहले पत्रकार थे.

भारत में हुई परमाणु की खोज

महाभारत काल पर 'ज्ञान' देते हुए उन्होंने दावा किया कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति, प्लास्टिक सर्जरी और परमाणु की खोज भी कहीं और नहीं बल्कि भारत में हुई थी. यही नहीं उन्होंने महाभारत काल की तकनीक का बखान करते हुए कहा कि उस समय भी उत्तम तकनीक मौजूद थी.

महाभारत काल में होता था लाइव टेलीकास्ट

इस कड़ी में उन्होंने संजय और धृतराष्ट्र का भी उदाहरण दिया और बताया कि उस समय भी लाइव टेलीकास्ट होता था. हस्तिनापुर से ही बैठे-बैठ संजय कुरुक्षेत्र में हो रहे महाभारत के युद्ध का दृष्टांत धृतराष्ट्र को बताते थे.

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बता दें कि इससे पहले बीजेपी के त्रिपुरा से मुख्यमंत्री ऐसे कई बयान देकर विवादों में घिर चुके हैं. बिप्लब देब महाभारत काल में इंटरनेट और मिस वर्ल्ड में इंडियन ब्यूटी को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं. उन्होंने नई साइंटिफिक थ्योरी देते हुए दावा किया था कि इंटरनेट महाभारत के दौर में भी था और तब इसका इस्तेमाल किया जाता था. उन्होंने यह भी दावा किया था कि उस युग में सेटेलाइट भी मौजूद थे.

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