शिवपाल के झंडे पर मुलायम की फोटो, सपा में सेंध लगाने की तैयारी

शिवपाल के इस नए सियासी कदम से मुलायम सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्योंकि एक तरह उनके बेटे और पूर्व सीएम अखिलेश यादव हैं जिनकी सियासत पिता की विरासत पर टिकी है तो दूसरी ओर भाई शिवपाल हैं, जिनकी मेहनत से मुलायम ने समाजवादी पार्टी को खड़ा किया है.

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शिवपाल की गाड़ी पर लगा झंडा शिवपाल की गाड़ी पर लगा झंडा

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 17 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सियासी कुनबे में पड़ी फूट और बढ़ती नजर आ रही है. सपा से अलग होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चा बनाने वाले शिवपाल यादव पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह को अपनी पार्टी से चुनाव लड़ाने की बात कह चुके हैं और अब उनकी पार्टी के झंडे पर भी मुलायम की फोटो लगाई गई है.  

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शिवपाल यादव ने सोमवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी समाजवादी सेकुलर मोर्चा का औपचारिक झंडा जारी किया, जिसपर एक ओर शिवपाल तो दूसरी ओर उनके बड़े भाई मुलायम सिंह की फोटो दिख रही है. इस झंडे में समाजवादी पार्टी के झंडे का रंग लाल और हरा भी शामिल है, साथ ही पीले रंग को भी बीच में जगह दी गई है. शिवपाल ने अपनी गाड़ी पर समाजवादी सेकुलर मोर्चा का झंडा लगाया है.

मुलायम को टिकट का ऑफर

इससे पहले शिवपाल यादव ने सपा के संस्थापक और अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव को 2019 लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से अपनी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था. शनिवार को शिवपाल यादव ने कहा, ''हम चाहते हैं कि आगामी आम चुनावों में मुलायम सिंह यादव हमारी पार्टी से चुनाव लड़ें. हमने पहले ही लोकसभा की 80 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है और अब सपा के साथ किसी भी तरह के मेल-मिलाप के दरवाजे बंद हो चुके हैं."

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शिवपाल लगातार अपने मोर्चे का विस्तार कर रहे हैं और दावा किया कि कई सपा नेता उनकी पार्टी में जल्द ही शामिल होंगे. शिवपाल ने कहा, हम जल्द ही समाजवादी सेकुलर मोर्चा को पंजीकृत कराने के लिए चुनाव आयोग से मिलेंगे और कहा कि उन्होंने सपा से अलग होने का फैसला मुलायम से परामर्श के बाद लिया है.  

खेमा मजबूत करेंगे शिवपाल

शिवपाल के इस नए सियासी कदम से मुलायम सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्योंकि एक तरह उनके बेटे और पूर्व सीएम अखिलेश यादव हैं जिनकी सियासत पिता की विरासत पर टिकी है तो दूसरी ओर भाई शिवपाल हैं, जिनकी मेहनत से मुलायम ने समाजवादी पार्टी को खड़ा किया है. अब आगामी चुनाव में मुलायम किस खेमे में जाएंगे, यह सपा के भविष्य को तय कर सकता है.

बता दें कि शिवपाल यादव इटावा के जसवंत नगर से विधायक हैं, जिन्हें 2017 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से उनके भतीजे और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हटा दिया था. इसके बाद उन्होंने समाजवादी सेकुलर मोर्चा बनाने का फैसला किया था.

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