शाहजहांपुर केस: चिन्मयानंद के आश्रम पहुंची SIT, खोला गया हॉस्टल का कमरा

शाहजहांपुर केस की जांच कर ही स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम पर पहुंच गई है. एसआईटी पीड़ित परिवार की मौजूदगी में आश्रम के हॉस्टल को खंगाल रही है. उस कमरे को खोला जा रहा है, जहां लड़की रहती थी. लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (फाइल फोटो-IANS) पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद (फाइल फोटो-IANS)

aajtak.in

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  • 10 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

  • पीड़ित परिवार की मौजूदगी में आश्रम के हॉस्टल को खंगाल रही एसआईटी
  • लड़की ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी पर ही धमकाने का आरोप लगाया है

शाहजहांपुर केस की जांच कर ही स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम पर पहुंच गई है. एसआईटी पीड़ित परिवार की मौजूदगी में आश्रम के हॉस्टल को खंगाल रही है. उस कमरे को खोला जा रहा है, जहां लड़की रहती थी. लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.

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बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में सोमवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया जब, पीड़िता ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी पर ही धमकाने का आरोप जड़ दिया. पीड़ित लड़की ने यह आरोप बाकायदा प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लगाया. लड़की ने दो टूक कहा कि उसे यूपी पुलिस पर कतई विश्वास नहीं है, क्योंकि अगर पुलिस ईमानदार है तो फिर दो दिन बाद भी स्वामी के खिलाफ उसके द्वारा दी गई शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया?

समाचारा एजेंसी एआईएनएस के मुताबिक संदिग्ध हालात में गायब हुई पीड़िता बरामद होने के बाद पहली बार सोमवार को मीडिया के सामने आई. पूरे प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान पीड़िता खुद के चेहरे को काले कपड़े से ढके रही. पीड़िता की तल्ख आवाज से साफ झलक रहा था कि व कितने गुस्से में है. उसने कहा, "एसआईटी ने दिल्ली से शाहजहांपुर पहुंचते ही मुझसे 10-11 घंटे तक पूछताछ की, मगर मेरे द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है."

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पीड़िता उस शिकायत का जिक्र कर रही थी, जिसमें उसने स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं, जिसे उसने दिल्ली पुलिस को दिए थे. लड़की ने पत्रकारों से कहा, "स्वामी चिन्मयानंद ने मेरे साथ दुष्कर्म किया. एक साल तक लगातार उसने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया."

पीड़ित ने दावा कि "स्वामी के खिलाफ आरोप का मेरे पास सबूत भी है. मेरे हॉस्टल वाले कमरे को सुरक्षित रखा जाए. वक्त आने पर मैं स्वामी के खिलाफ सभी मजबूत सबूत पुलिस को सौंप दूंगी."

पीड़िता का सवाल था कि यदि यूपी पुलिस ईमानदार है तो फिर उसे (पीड़िता) स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दिल्ली में क्यों करनी पड़ी? यदि यूपी पुलिस सहयोग कर रही है तो फिर दो दिन बाद भी एसआईटी ने स्वामी के खिलाफ मेरी शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज क्यों नहीं किया है?

कानून की छात्रा ने कहा, "मेरे परिवार-परिजनों को शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धमका रहे हैं. क्योंकि उन्होंने चिन्मयानंद के खिलाफ शिकायत की है." लड़की ने कहा कि उसके हॉस्टल का कमरा खोलकर देखा जाए तो जांच एजेंसी को वहां स्वामी के खिलाफ काफी सबूत मिल जाएंगे. पीड़िता ने साफ-साफ कहा कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसके जैसी और भी सैकड़ों लड़कियों की जिंदगी और इज्जत के साथ खिलवाड़ किया है.

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बता दें कि अचानक गायब हुई पीड़िता को यूपी पुलिस ने 30 अगस्त को राजस्थान से बरामद किया था. बाद में यूपी पुलिस ने जब पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया, तो उसने बताया कि वह स्वेच्छा से अपनी जान सुरक्षित रखने के लिए एक परिचित लड़के के साथ शहर छोड़कर चली गई थी.

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