सपा अधिवेशन में अखिलेश का 'चौका', शिवपाल और अमर सिंह हुए बोल्ड

इस अधिवेशन में अखिलेश को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया गया. जल्द निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दी जाएगी.

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अखिलेश यादव अखिलेश यादव

लव रघुवंशी

  • नई दिल्ली,
  • 01 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST

समाजवादी पार्टी में उठा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल द्वारा बुलाए गए आपात राष्ट्रीय अधिवेशन में शिवपाल यादव और अमर सिंह पर जमकर निशाना साधा गया. रामगोपाल यादव ने भाषण में दो लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि अखिलेश को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया गया.

इस अधिवेशन में रामगोपाल यादव ने चार प्रस्ताव भी पेश किए और उन चारों को सर्वसम्मति से पास कराया गया.

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- अधिवेशन में रामगोपाल यादव ने को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया.

- रामगोपाल ने मुलायम सिंह को पार्टी का शीर्ष नेता बनाने की मांग की और उन्हें पार्टी का संरक्षक बनाया गया.

- अधिवेशन में सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को पद से हटा दिया गया.

- अधिवेशन में प्रस्ताव पास कर अमर सिंह को पार्टी से बाहर किया गया.

इस अधिवेशन में अखिलेश को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया गया. जल्द निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दी जाएगी.

मुलायम ने हालांकि पत्र जारी कर इस अधिवेशन को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था. उन्होंने कहा कि अधिवेशन में शामिल होने वालों के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी. अधिवेशन में अखिलेश ने कहा कि वह पिता का जितना सम्मान पहले करते थे, उससे कई गुना ज्यादा सम्मान आगे करेंगे. अगर नेताजी के खिलाफ और पार्टी के खिलाफ साजिश हो तो नेताजी का बेटा होने की वजह से मेरी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे लोगों के खिलाफे हम खड़े हों. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो चाहती हैं सपा की सरकार ना बनने पाए. सरकार जब बनेगी और बहुमत आएगा तो सबसे ज्यादा खुशी नेताजी को होगी.

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