यूपी में दौड़ी प्रमोशन एक्सप्रेस, IAS में प्रमोट हुए 22 PCS अधिकारी

मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की मौजूदगी में हुई डीपीसी की बैठक में 1998 बैच के पीसीएस अधिकारियों के प्रमोशन के निर्णय पर मुहर लग गई.

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटोः पीटीआई) यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटोः पीटीआई)

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 18 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

  • 4 अधिकारियों का प्रमोशन रुका
  • अगले हफ्ते जारी होगा आदेश

उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को प्रमोशन का तोहफा मिला है. साल 1998 बैच के 22 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है. मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की मौजूदगी में हुई डीपीसी की बैठक में 1998 बैच के पीसीएस अधिकारियों के प्रमोशन के निर्णय पर मुहर लग गई.

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1998 बैच के चार पीसीएस अधिकारियों को प्रमोशन नहीं मिला है. इसके पीछे की वजह इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच का जारी होना बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस संबंध में आदेश एक हफ्ते बाद जारी कर दिया जाएगा. जिन अधिकारियों को पीसीएस से आईएएस में प्रमोट किया गया है, उनमें राजधानी लखनऊ के नगर आयुक्त रहे डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी और 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी प्रेम प्रकाश सिंह के नाम भी शामिल हैं.

इनके अलावा बद्रीनाथ सिंह, अंजनी कुमार सिंह, अविनाश सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, जयशंकर दुबे, आशुतोष कुमार द्विवेदी, राकेश चंद्र शर्मा, मनोज कुमार को भी पीसीएस से आईएएस कैडर में प्रमोशन दिया गया है. आनंद कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार-प्रथम, सौम्य श्रीवास्तव, गरिमा यादव, शीलधर सिंह यादव, अनिल कुमार यादव, जंग बहादुर यादव-प्रथम, ओमप्रकाश वर्मा, अजय कांत सैनी, गिरिजेश कुमार त्यागी और राकेश कुमार मालपानी को भी प्रमोट किया गया है.

राजधानी लखनऊ में हुई डीपीसी की बैठक में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के साथ ही अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल भी मौजूद थे. गौरतलब है कि 1998 बैच के जिन चार पीसीएस अधिकारियों को प्रमोट नहीं किया गया है, उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है. जांच इन अधिकारियों के प्रमोशन में रोड़ा बनी.

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