लखनऊ में बोले नीतीश- घबराइए नहीं अखिलेश जी, आप भी शराबबंदी लागू कीजिए

नीतीश कुमार ने कहा, 'हम अखि‍लेश जी से कहना चाहते हैं कि घबराइए मत, आगे बढ़ि‍ए और शराबबंदी लागू कीजिए. कम से कम इससे आने वाली पीढ़ि‍यों को हम बचा सकेंगे.'

Advertisement
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

स्‍वपनल सोनल / आमिर हक

  • लखनऊ,
  • 15 मई 2016,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

यूपी में शराबबंदी की मांग के जरिए चुनावी आधार बनाने में जुटे नीतीश कुमार रविवार को लखनऊ पहुंचे. बिहार के मुख्यमंत्री यहां पूर्ण शराबबंदी से जुड़े एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में किसी को परेशान करने नहीं आए हैं. नीतीश ने मंच से अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा, 'घबराइए मत अखि‍लेश जी, आप भी शराबबंदी लागू कीजिए.'

Advertisement

नीतीश कुमार ने कहा, 'हम अखि‍लेश जी से कहना चाहते हैं कि घबराइए मत, आगे बढ़ि‍ए और लागू कीजिए. कम से कम इससे आने वाली पीढ़ि‍यों को हम बचा सकेंगे.' बिहार के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब उन्होंने अपने राज्य में शराब पर पाबंदी लगाई तब उन्होंने यूपी और झारखंड की सरकार को भी चिट्ठी लिखकर अलर्ट किया था कि राज्य की सीमा पर सर्तकता बरतने की जरूरत है, ताकि अवैध तरीके से शराब बिहार न पहुंचे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों राज्यों से इस चिट्ठी के बाबत उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.

सीमा क्षेत्र में शराब की बिक्री पर हो पाबंदी
नीतीश ने बताया कि एक प्रावधान है कि सीमा क्षेत्र के जिलों के बीच पांच किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान पर पाबंदी हो. उन्होंने सवाल किया, 'मैं पूछता हूं कि दोनों राज्य इसे क्यों नहीं लागू करते हैं? हमने तो ये पाया है कि के सीमा क्षेत्र में शराब की कई दुकानें खुली हैं. यही नहीं, सरकार ने सीमा क्षेत्र में ज्यादा कीमत पर शराब दुकान के लिए बोली लगवाई.'

Advertisement

'महिलाओं से किया था वादा, पूरा किया'
अपने संबोधन में नीतीश ने कहा, 'जब हमने बिहार में शराबबंदी लागू की, तो हमसे कहा गया कि कुछ महिलाएं आपसे मिलना चाहती हैं. वो महिलाएं वर्धा और गढ़चिरौली से मुझे शुभकामनाएं देने आई थीं.' उन्होंने आगे कहा कि एक जनसभा के दौरान एक महिला ने ही उनसे शराब पर पाबंदी के लिए अपील की थी. नीतीश ने कहा, 'हमने उनसे वादा किया था और चुनाव के बाद हमने अपने वादे को पूरा किया.'

पहले देसी शराब पर पाबंदी की थी योजना
शराब पर पाबंदी को लेकर बिहार सरकार की योजना का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, 'शुरुआत में हम सिर्फ गांवों में देसी शराब पर पाबंदी लगाने वाले थे. लेकिन फिर हमने देखा कि महिलाएं शहरों में भी प्रदर्शन कर रही हैं. हमने पाया कि एक तरह का माहौल बनने लगा है और इसलिए हमने पूर्ण शराबबंदी का फैसल किया.'

बिहार के सीएम ने कहा, 'हमने जहरीली शराब त्रासदियों से निजात पाने के लिए 1915 के कानून में संशोधन किया. हमने जहरीली शराब बनाने वालों, वितरकों और बेचने वालों के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया.'

'वो दिन कभी नहीं आएगा'
नीतीश कुमार ने आगे कहा, 'मैंने सुना है कि यूपी के कुछ नेता (राम गोपाल यादव) यह कह रहे हैं कि राजस्व में कमी के कारण नीतीश कुछ दिनों बाद हाथ में कटोरा लेकर भीख मांगेंगे. लेकिन मैं उन्हें बताया चाहता हूं कि वो दिन कभी नहीं आएगा. जबकि आने वाले समय में आप देखेंगे की राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा.'

Advertisement

'...तब तक चैन से नहीं बैठेंगे'
बिहार में विपक्ष के जंगलराज के आरोपों का जवाब देते हुए नीतीश ने कहा, 'इधर एक दो घटनाएं घटी हैं, जिनको लेकर हम सब मन से दुखी हैं. इसके लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है और जब तक उसके जो दोषी हैं, उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा नहीं कर देंगे, चैन से नहीं बैठेंगे. लेकिन कुल मिलाकर एक सच यह भी है कि शराबबंदी के बाद से बिहार में अपराध घटा है.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »