चंदौली: सड़क किनारे बेसुध पड़ा था बुजुर्ग, DM की गाड़ी रुकी और फिर....

दरअसल बुधवार को चंदौली के डीएम संजीव सिंह अपने कार्यालय से निकलकर एनआईसी कार्यालय की तरफ जा रहे थे. उसी दौरान उन्होंने बिछिया गांव के पास एनएच-2 के किनारे पड़े हुए एक बुजुर्ग को देखा.

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बेसुध पड़े बुजुर्ग पर पड़ी डीएम की नजर बेसुध पड़े बुजुर्ग पर पड़ी डीएम की नजर

उदय गुप्ता

  • चंदौली,
  • 02 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST
  • चन्दौली के डीएम संजीव सिंह का दिखा मानवीय चेहरा
  • बेसुध पड़े बुजुर्ग पर पड़ी डीएम की नजर
  • डीएम ने बुजुर्ग को भिजवाया अस्पताल

उत्तर प्रदेश के चंदौली में यहां के जिलाधिकारी का मानवीय चेहरा उस वक्त दिखाई दिया जब उन्होंने सड़क किनारे बेसुध पड़े एक बुजुर्ग शख्स को देखा और अपनी गाड़ी रुकवा दी. गाड़ी से उतर कर डीएम संजीव सिंह बुजुर्ग पास पहुंचे और उन्होंने देखा कि बुजुर्ग को चोट लगी है औऱ चोट की वजह से वो बेसुध पड़े हुए हैं. इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस मंगवाई और बुजुर्ग को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया.

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डीएम संजीव सिंह का दिखा मानवीय चेहरा

दरअसल बुधवार को चंदौली के डीएम संजीव सिंह अपने कार्यालय से निकलकर एनआईसी कार्यालय की तरफ जा रहे थे. उसी दौरान उन्होंने बिछिया गांव के पास एनएच-2 के किनारे पड़े हुए एक बुजुर्ग को देखा. डीएम संजीव सिंह की नजर जब उस बुजुर्ग पर पड़ी तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी और गाड़ी से उतरकर बुजुर्ग के पास पहुंचे.

उन्होंने देखा कि बुजुर्ग के शरीर पर कुछ चोट के निशान हैं. संभवतः किसी वाहन की चपेट में आने से उस बुजुर्ग व्यक्ति को चोट आई होगी औऱ वो बेहोश हो गए होंगे. इसके बाद जिलाधिकारी ने तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और बुजुर्ग व्यक्ति को इलाज के लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल भिजवाया. हालांकि अभी तक इस बुजुर्ग की पहचान नही हो पाई है. लेकिन सबसे पहले उस बुजुर्ग को इलाज की सुविधा मुहैया कराना जरूरी था, जो डीएम संजीव सिंह की संवेदनशीलता से उनको मिल गई.

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बेसुध पड़े बुजुर्ग की मदद

जानकारी के अनुसार वह बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से सड़क के किनारे पड़ा हुआ था लेकिन उधर से आने जाने वाले किसी भी शख्स ने ध्यान नहीं दिया और महज तमाशबीन होकर बगल से गुजरते रहे. लेकिन चंदौली के डीएम संजीव सिंह की संवेदनशीलता ने एक बुजुर्ग को न सिर्फ अस्पताल भिजवाया बल्कि बुजुर्ग के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों को निर्देशित भी किया. उनकी इस पहल ने हर किसी का दिल जीत लिया है और कोरोना काल में फिर इस बात को साबित कर दिया है कि किसी की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म होता है.

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वैसे देश के दूसरे हिस्सों से भी ऐसी खबरें आती रहती हैं जहां पर कुछ लोग अगर तमाशबीन बन सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करते रह जाते हैं, तो उस वक्त भी कुछ ऐसे देवदूत सामने आते हैं जो ना सिर्फ मदद का हाथ बढ़ाते हैं, बल्कि हर किसी को सेवा का पाठ भी पढ़ा जाते हैं. यूपी के इस डीएम ने भी अपनी संवेदनशीलता दिखा इसी बात को और मजबूत कर दिया है.
 

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