गुस्सा या बौखलाहट? अफीमची-गंजेड़ी, पढ़ें क्या-क्या बोले अखिलेश

अखिलेश यादव जिस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था. उन्होंने आक्रामक लहजे में टोंटी और कागजों को लहराते हुए सफाई पेश की.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 13 जून 2018,
  • अपडेटेड 1:25 PM IST

सरकारी बंगले में तोड़फोड़ और सामान उखाड़ने की तस्वीरों से उपजा विवाद अब काफी बड़ा हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. गुस्से से लाल-पीले अखिलेश ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर तीखे पलटवार किए. अखिलेश ने इस दौरान राज्यपाल राम नाईक, मीडिया, योगी सरकार और अधिकारियों पर करारा वार किया.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोंटी लेकर आए अखिलेश यादव बोले कि जब मैंने बंगला लिया था तो कुछ भी ठीक नहीं था, सारा सामान मैंने वहां पर पिछले एक-दो साल में लगवाया था. अब हम आए हैं तो ले आए. हर किसी को अपनी पसंद का घर बनवाने का अधिकार है.

अखिलेश यादव जिस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था. उन्होंने आक्रामक लहजे में टोंटी और कागजों को लहराते हुए सफाई पेश की.

सिर्फ आरोपों पर सफाई नहीं बल्कि अखिलेश ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऐसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया जो उनकी बौखलाहट को दिखाता है. अखिलेश ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार अफीमची, गंजेड़ी, अंधे लोगों, चिलम जैसे शब्दों का उपयोग किया.

उन्होंने कहा कि आप अपने थानों से पता करिए कि टोंटियां कौन निकाल जाता है, आपसे पहले वहां पर कौन गया था. सरकार के कहने पर अधिकारी ये सब कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने घर में स्टील का स्ट्रक्चर इसलिए लगवाया ताकि जब जाऊं तो ले जा सकूं.

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अखिलेश के निशाने पर राज्यपाल राम नाईक भी रहे. राम नाईक ने इस मामले में राज्य सरकार का कार्रवाई करने के आदेश दिए थे. यूपी सीएम ने कहा कि जो लोग सोए हुए थे, आज वो भी जाग गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अंदर संविधान की आत्मा नहीं है, बल्कि उनके अंदर आरएसएस की आत्मा है.

...जब गुस्से में लाल-पीले अखिलेश बोले- मुझे मेरा मंदिर लौटा दो

अखिलेश ने कहा कि मेरे घर में मंदिर देखकर लोगों को जलन हो रही है. कुछ लोग जलन में अंधे हो गए हैं. अपने घर में हमने मंदिर बनवाया था, अब चाहे हमें वो मंदिर भी वापस लौटा दीजिए.

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