वायरल टेस्ट: क्या हिंदुओं पर हमले के लिए तलवारें बांट रहा है केरल का ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’

इंडिया टुडे की वायरल टेस्ट टीम ने सोशल मीडिया पर PFI के खिलाफ चेतावनी देने वाली पोस्ट की पड़ताल का फैसला किया. फेसबुक पर ‘भगवा दीवाने’ के नाम से बनाए गए पेज पर अपलोड पोस्ट में लिखा गया है- “सोते रहो हिंदुओ तुम्हारे खिलाफ भीषण रक्तपात की तैयारी कर रहा है मुस्लिम समुदाय.

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क्या हिंदुओं पर हमले के लिए तलवारें बांटी जा रहीं हैं क्या हिंदुओं पर हमले के लिए तलवारें बांटी जा रहीं हैं

खुशदीप सहगल / देवांग दुबे गौतम

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

केरल का संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) आतंकवाद से कथित तौर पर तार जुड़े होने की वजह से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के रडार पर है. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने बीते साल अपनी जांच में PFI को बेनकाब किया था. इसमें PFI  के हवाला और धर्म परिवर्तन जैसी गतिविधियों से कथित जुड़ाव का भी खुलासा हुआ था. लेकिन क्या ये गैर मुनाफे वाला इस्लामी संगठन भविष्य में हिन्दुओं पर हमले के लिए तलवारों का जमावड़ा कर रहा है? ऐसा ही कुछ आरोप सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में PFI पर लगाया जा रहा है.

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इंडिया टुडे की वायरल टेस्ट टीम ने सोशल मीडिया पर PFI के खिलाफ चेतावनी देने वाली पोस्ट की पड़ताल का फैसला किया. फेसबुक पर ‘भगवा दीवाने’ के नाम से बनाए गए पेज पर अपलोड पोस्ट में लिखा गया है- “सोते रहो हिंदुओ, तुम्हारे खिलाफ भीषण रक्तपात की तैयारी कर रहा है मुस्लिम समुदाय. केरल में PFI के जेहादियों की असलाह की फैक्ट्री पर छापा मार भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा पकड़ा गया, जहां से पूरे भारत की मस्जिद, मदरसों और मुस्लिम बहुल इलाकों में हथियार भेजे जा रहे हैं.”

पोस्ट में संदेश के साथ तस्वीर में जमीन पर तलवारों और अन्य धारदार हथियारों को बिखरे देखा जा सकता है. साथ ही खांचों पर भी इन्हें रखा हुआ देखे जा सकता है. हमने पड़ताल के तहत सबसे पहले केरल पुलिस का रुख किया. हाई टेक क्राइम इन्कवॉयरी सेल के अधिकारी अनूप वीआर ने पोस्ट को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज किया. अनूप ने इंडिया टुडे की वायरल टेस्ट टीम को बताया कि ‘PFI के खिलाफ ऐसा कोई छापा नहीं डाला गया जहां तलवारों को बरामद किया गया हो.’

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वायरल टेस्ट टीम ने PFI से भी संपर्क किया. संगठन के महासचिव मोहम्मद बशीर ने कहा कि इस तरह के कथित सूचना मुस्लिम संगठन की छवि खराब करने की कोशिश है. बशीर ने कहा, ‘ये पूरी तरह फर्ज़ी है. पहले ये मलयालम फेसबुक पोस्ट के तौर पर सामने आई थी. ये हमारे संगठन की छवि खराब करने की एक और कोशिश है.’ बशीर के मुताबिक PFI  ने इस पूरे मामले की जानकारी साइबर सेल को दी है.

बशीर ने मलयालम पोस्ट के स्क्रीनशॉट्स को भी साझा किया जिसमें PFI के ऊपर हिंदुओं पर हमले की तैयारी का आरोप लगाया गया है. पोस्ट में लिखा गया है- ‘SDPI के हथियारों का जखीरा जब्त किया गया है. पुलिस दो कमरों में तलवारें भरी देखकर हैरान रह गई. उन्होंने तलवारें बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को भी जब्त किया. हिंदुओं, होशियार. पुलिस का कहना है कि और हथियार जब्त किए जाएंगे.’  SDPI यानि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया PFI का राजनीतिक विंग है.

से साबित हुआ कि PFI को निशाना बनाने वाली पोस्ट फर्जी है. अब हमने ये पता लगाने की कोशिश की PFI को फर्जी तरीके से जोड़ने वाली तस्वीर का मूल स्रोत क्या है. वायरल टेस्ट ने पता लगाया कि ये तस्वीर पंजाब के पटियाला में स्थित सिखों की कृपाण (सिखो का एक धार्मिक प्रतीक) बनाने की फैक्ट्री ‘खालसा कृपाण’ से ली गई है. फैक्ट्री के मालिक बचन सिंह ने पुष्टि की कि तस्वीर में उन्हीं के गोदाम को दिखाया गया है. बचन सिंह ने हमारे संवाददाता को वो जो जगह भी दिखाई जहां ये तस्वीर ली गई. ये पूछे जाने पर कि किसने ये तस्वीर ली होगी तो बचन सिंह ने कहा कि उनकी फैक्ट्री में कुछ साल पहले पर्यटकों का एक ग्रुप आया था.

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बचन सिंह के भाई शिंगारा सिंह ने इंडिया टुडे को बताया, ‘ये स्टोर पिछले 20 साल से है. हम पूरे पंजाब में सामान की आपूर्ति करते हैं. तलवारों को सिख धर्म में कृपाण कहा जाता है. हमारे धर्म में समारोह में किसी को सम्मानित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. सिख धर्म के पांच प्रतीकों में शामिल होने की वजह से अमृतधारी सिख छोटी कृपाण हमेशा अपने साथ रखते हैं.’

सिंह ने बताया कि हमारे धार्मिक नेताओं को सम्मानित करने के लिए उन्हें कृपाण सौंपी जाती है. साथ ही मेलों में भी इनकी अदला बदली होती है. लोग इन्हें अपने घरों में रखते हैं और पर्यटक स्मृतिचिह्न के तौर पर इन्हें साथ ले जाते हैं.     

वायरल टेस्ट से साबित हुआ कि PFI को तलवार फैक्ट्री से जोड़ने वाली पोस्ट फर्जी हैं. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को क्लीन चिट मिल गई है. इस संगठन के उच्च पदाधिकारी इंडिया टुडे के कैमरे पर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन की गतिविधियों और हवाला लेनदेन में शामिल होने की बात कबूल करते कैद हुए थे.

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