अफगानिस्तान में IS के आतंकियों पर अमेरिकी सेना के सबसे घातक बम GBU-43/B ने तबाही बरपाई. लेकिन ये 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' भी दुनिया का सबसे खतरनाक गैर-परमाणु हथियार नहीं है. क्या आप जानते हैं कि रूस के जखीरे में इससे चार गुना ज्यादा ताकतवर बम मौजूद है?
एविएशन थर्मोबारिक बॉम्ब ऑफ इनक्रिजिड पावर (ATBIP) अमेरिका के GBU-43/B बम से चार गुना ज्यादा मारक क्षमता रखता है. जिस बम का इस्तेमाल अमेरिका ने अफगानिस्तान में किया है उसमें 11 टीएनटी जितनी ताकत है. लेकिन रूस का ATBIP बम 44 टीएनटी जितनी क्षमता से तबाही ढहा सकता है. रूसी सेना के एक अधिकारी के लफ्जों में 'इस बम से जमीन में मौजूद हर एक चीज भाप से उड़ जाती है.' GBU-43/B की तरह ATBIP भी बीच हवा में फटता है. बेहद ऊंचा तापमान और सुपरसॉनिक तरंगें जमीन पर मौजूद हर एक शह को नेस्तनाबूद कर देती हैं. दोनों बमों को गिराने के लिए भारी बॉम्बर विमानों की जरूरत पड़ती है.
अमेरिका ने पहली बार GBU-43/B का परीक्षण साल 2003 में किया था. जबकि रूस ने फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स को साल 2007 में टेस्ट किया था. अमेरिकी सेना का दावा है कि ATBIP अमेरिकी बम के मुकाबले आकार में छोटा और ज्यादा सटीक है. ATBIP अफगानिस्तान में इस्तेमाल किये गए बम के मुकाबले ब्लास्ट के बाद दोगुना ज्यादा तापमान पैदा करता है. लिहाजा इससे होने वाली तबाही भी ज्यादा होती है. अमेरिकी सेना की मानें तो फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स से होने वाली बर्बादी परमाणु बम जितनी ही होती है. लेकिन इससे रेडिएशन का खतरा नहीं होता. इतना ही नहीं, एक ATBIP बम से होने वाली तबाही का दायरा करीब 300 मीटर होता है. ये GBU-43/B की क्षमता से लगभग दोगुना है.
संदीप कुमार सिंह