UIDAI ने ट्राई प्रमुख के डेटा लीक के दावे को किया खारिज, कहा- आधार है सुरक्षित

राम सेवक शर्मा पहले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के महानिदेशक रह चुके हैं और आधार प्रणाली के कट्टर समर्थक हैं. वहीं खुद को फ्रांस का सुरक्षा विशेषज्ञ बताने वाला यूजर लगातार आधार प्रणाली की खामियों की आलोचना करता रहा है. वह पहले भी आधार में सेंध लगा चुका है.

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण

वरुण शैलेश

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर और मीडिया के एक खेमे के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें ट्राई प्रमुख राम सेवक शर्मा की व्यक्तिगत सूचना में सेंध लगाने की बात कही है.

यूआईडीएआई ने रविवार को जारी बयान में कहा कि ट्विटर पर जो लोग 'आधार सर्वर' से आर एस शर्मा की निजी सूचना हासिल करने का दावा कर रहे हैं, वह गलत है. वैसे भी दशकों से सेवारत एक लोक सेवक की सभी सूचना सार्जनिक हैं,  जिन्हें गूगल और अन्य साइटों पर आसानी से खंगाला जा सकता है.

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गौरतलब है कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रमुख आर.एस.शर्मा ने शनिवार को ट्विटर पर अपना 12 अंकों की आधार संख्या सार्वजनिक कर चुनौती दी थी कि कोई भी इसके जरिये उनका नुकसान करके दिखाए. इसके बाद विभिन्न यूजरों ने उनकी निजी जानकारियों में सेंध लगाने का दावा किया. खुद को फ्रांस का एक सुरक्षा विशेषज्ञ बताने वाले एक यूजर ने शर्मा का मोबाइल नंबर से लेकर पैन संख्या तक सार्वजनिक करने का दावा किया.

आधार में सेंध लगाने की चुनौती

हालांकि ट्विटर पर आधार में सेंध लगाने की सार्वजनिक चुनौती देकर फजीहत झेल चुके ट्राई प्रमुख ने बाद में  कहा कि उन्होंने यह चुनौती ट्राई प्रमुख के तौर पर नहीं बल्कि आम नागरिक की हैसियत से दी थी. शर्मा ने एक यूजर को जवाब देते हुए कहा, 'यह समझिये कि मैंने यह चुनौती ट्राई चेयरमैन के नाते नहीं बल्कि भारत के एक सामान्य नागरिक की तरह दी है.'  

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खुद को इलियट एंडरसन बताने वाले फ्रांसीसी नागरिक ने @fs0c131y हैंडल से शर्मा की चुनौती को जवाब देते हुए कहा, 'लोग आपके घर का पता, जन्मदिन और वैकल्पिक मोबाइल नंबर निकाल सकते हैं. मैं यहीं पर छोड़ देता हूं. मुझे उम्मीद है, इतने से आपको समझ आ जाएगा कि आधार संख्या सार्वजनिक करना ठीक नहीं है.' 

हालांकि, शर्मा ने अपनी बात पर अड़े रहते हुए लिखा, 'ये जानकारियां कोई सरकारी गोपनीय सूचनाएं नहीं हैं.' उन्होंने कहा कि चुनौती केवल फोन नंबर और दूसरी सूचनाओं को लेकर ही नहीं थी बल्कि उनके आधार नंबर की जानकारी के आधार पर कोई नुकसान पहुंचने को लेकर थी. शर्मा ने लिखा, 'मैंने उन्हें फोन नंबर और दूसरी सूचनाओं के लिए चुनौती नहीं दी थी. मेरी चुनौती मुझे कोई नुकसान पहुंचाने के लिए थी. अब तक इसमें कोई सफलता उन्हें नहीं मिली. मेरी शुभकामनायें उनके साथ हैं.'  

बता दें कि शर्मा पहले के महानिदेशक रह चुके हैं और आधार प्रणाली के कट्टर समर्थक हैं. वहीं खुद को फ्रांस का सुरक्षा विशेषज्ञ बताने वाला यूजर लगातार आधार प्रणाली की खामियों की आलोचना करता रहा है. वह पहले भी आधार में सेंध लगा चुका है.

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