शीना मर्डर केस: पीटर मुखर्जी की जमानत याचिका खारिज

पिछले दिनों सीबीआई ने हाई प्रोफाइल शीना बोरा हत्याकांड में सह आरोपी बनाए गए पूर्व मीडिया टाइकून पीटर मुखर्जी की जमानत का विरोध किया था. सीबीआई ने कहा यदि उसे जेल से रिहा किया गया तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.

Advertisement
पीटर मुखर्जी पीटर मुखर्जी

स्‍वपनल सोनल / मुस्तफा शेख

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

शीना बोरा हत्या मामले में सेशन अदालत ने शुक्रवार को पीटर मुखर्जी की जमानत याचिका खारिज कर दी. बताया जाता है कि इसके पीछे एक बड़ी वजह यह रही कि मामले में अभी तक पीटर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है.

गौरततलब है कि पिछले दिनों सीबीआई ने हाई प्रोफाइल में सह आरोपी बनाए गए पूर्व मीडिया टाइकून पीटर मुखर्जी की जमानत का विरोध किया था. सीबीआई के वकील अनिल सिंह ने पीटर की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पीटर मुखर्जी अपनी सौतेली बेटी शीना बोरा की हत्या की साजिश में शामिल था. उन्होंने कहा यदि उसे जेल से रिहा किया गया तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.

Advertisement

तीन फरवरी को हुई सुनवाई में सिंह ने अदालत को बताया था कि शीना की हत्या के बाद पीटर ने लंदन से मुख्य आरोपी और अपनी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी से 15 से 20 मिनट तक बातचीत की थी. वह 26 अप्रैल 2012 को भारत वापस लौटा और 48 घंटे में वह इंद्राणी के साथ गोवा चला गया.

शीना-राहुल के रिश्ते से था नाखुश
अदालत को बताया गया कि पीटर मुखर्जी अपने जैविक पुत्र से नाखुश था. वे दोनों किराए के मकान में अलग-अलग रहते थे. इस संबंध से न केवल पीटर बल्कि उसकी पत्नी इंद्राणी भी खुश नहीं थी. दोनों ने शीना और राहुल को अलग-अलग करने के भरसक प्रयास किए, लेकिन असफल रहे. जिसके बाद इंद्राणी ने पूर्व पति संजीव खन्ना और पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय के साथ मिलकर 24 अप्रैल 2012 को शीना की हत्या कर दी थी. शीना के शव को अगले दिन रायगढ़ के जंगल में जला दिया गया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »