राज्यसभा में चर्चा के दौरान डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार को बताया ‘जिमखाना क्लब’

Quota for general category तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बुधवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. इस दौरान उन्होंने सरकार के लिए जिमखाना क्लब शब्द का प्रयोग किया.

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TMC Leader Derek O'Brien TMC Leader Derek O'Brien

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 4:42 PM IST

लोकसभा में मंगलवार को पास होने के बाद सामान्य वर्ग के कमजोर वर्ग को आरक्षण देने वाले बिल पर राज्यसभा में चर्चा हुई. तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सदन में चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार ने संसद का अपमान किया है.

डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि एक सुबह एक व्यक्ति को दिल्ली में सपना आया कि संविधान बदलते हैं तो ये बिल ले आए. आज आप अगर लोकसभा के ओपेनियन पोल देखें तो NDA 150-160 पर रुक रहे हैं, लेकिन ये बिल युवा-गरीब-आम आदमी को धोखा है.

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इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हम कोई जिमखाना क्लब, अहमदाबाद के सदस्य नहीं हैं जिसका आप अपमान कर रहे हैं. पिछली सरकारों ने करीब 65 फीसदी बिल कमेटियों को भेजे लेकिन इस सरकार (जिमखाना क्लब) ने सिर्फ 20 फीसदी बिल ही भेजे.

डेरेक के सरकार को जिमखाना क्लब बुलाने पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विरोध जताया. जिस पर तुरंत टीएमसी सांसद ने कहा कि वह चेक करके आए हैं इस शब्द से सदन में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

टीएमसी सांसद ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक 32 रुपये तक कमाने वाला गरीब था, लेकिन इस बिल की मानें तो 2100 रुपये तक कमाने वाला गरीब माना जाएगा. आज का युवा पूछ रहा है कि नौकरी कहां हैं तो ये सरकार पकौड़ानॉमिक्स सिखा रही है.

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उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने 2011 में ही किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन इस सरकार ने 2016 में आकर ये बात कही. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अब तक राज्य के किसानों की आय तीन गुनी तक कर चुकी है.

आपको बता दें कि सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल मंगलवार को लोकसभा में पास हो चुका है. आज इस बिल पर राज्यसभा में चर्चा हो रही है. राज्यसभा में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत अधिकतर विपक्षी दलों ने इस बिल का समर्थन किया है, हालांकि चर्चा के दौरान सभी पार्टियों ने इस बिल की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए.

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