संसद पहुंची महाराष्ट्र हिंसा की आंच, मोदी बनाम राहुल हुए पक्ष-विपक्ष के बयान

पुणे में फैली जातीय हिंसा का असर पूरे राज्य में दिख रहा है. आज इस हिंसा की गूंज संसद में भी सुनाई दी. बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

सुप्रिया भारद्वाज / कुमार विक्रांत

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

पुणे में फैली जातीय हिंसा का असर पूरे राज्य में दिख रहा है. हिंसा का मामला बुधवार को संसद में उठा. कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला बोला. इस बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के बीच बहस हुई.

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भीमा-कोरेगांव में हर साल दलित लोग जाकर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. खड़गे ने कहा कि समाज में फूट डालने के पीछे कट्टर हिंदूवादी और आरएसएस का हाथ है. हर साल दलित समुदाय के लोग इस तरह का कार्यक्रम करते हैं. जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां पर दलितों के खिलाफ इस प्रकार का हादसा हो रहा है. पीएम मोदी को इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए, पीएम ने इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साधी हुई है.

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अनंत कुमार का राहुल पर वार

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने खड़गे पर मामले को भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गुजरात और हिमाचल हार चुकी है, इसलिए निराशा के साथ इस प्रकार की बातें कर रही है. आज के दिन में ब्रिटिश की जगह कांग्रेस वाले डिवाइड एंड रूल का काम कर रहे हैं. यदि आज के दिन में सबका साथ सबका विकास लेकर चल रहा है तो वह हमारे नेता नरेंद्र भाई मोदी हैं. इस फोरम का इस्तेमाल वहां लगी आग को बुझाने के लिए होना चाहिए, कांग्रेस और राहुल गांधी उसे भड़काने का काम कर रहे हैं.

वहीं राज्यसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह पुणे हिंसा पर बयान दे सकते हैं. बता दें कि आज ही सरकार को राज्यसभा में तीन तलाक बिल पेश करना है.

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तीन तलाक बिल पर सीधा असर

साफ है कि सरकार चाहती है कि लोकसभा में जिस तरह से यह बिल पास हुआ है, राज्यसभा भी उस बिल को बिना किसी बदलाव के ठीक उसी तरह पास करवा दे. इसे राष्ट्रपति के पास दस्तखत के लिए भेजा जा सके और यह फौरन कानून बन सके. लेकिन ऐसा लगता है कि विपक्ष इस मूड में नहीं है कि आसानी से बिल पास हो सके.

आपको बता दें कि भीमा-कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर भड़की चिंगारी पूरे महाराष्ट्र में फैल रही है. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में धीरे-धीरे हिंसा पुणे के बाद मुंबई तक फैली. राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. हिंसा के कारण बुधवार को भी राज्य के दैनिक जीवन पर असर दिख सकता है. आज कई गुटों ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है.  

मुंबई के मशहूर डब्बावालों ने भी अपनी सर्विस को ठप रखेंगे. उन्होंने अपने ग्राहकों से खुद अपना टिफिन लाने को कहा है. इनके अलावा महाराष्ट्र बंद के कारण स्कूल बसों की सर्विस बंद रहेगी. मुंबई में करीब 40,000 स्कूल बस बंद रहेंगी, स्कूलों ने अभिभावकों से अपने वाहन से ही बच्चों को स्कूल छोड़ने को कहा है.

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