देश में जानवरों के हितों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्था पेटा (PETA) के कार्यकर्ताओं ने परीक्षण के नाम पर चूहों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार को लेकर अनोखे ढंग से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया.
पेटा की एक महिला कार्यकर्ता ने पानी के टब के अंदर बैठकर चूहों पर होने वाले स्वीम टेस्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान वो महिला कार्यकर्ता एक बेहद छोटे से टब (एक्वेरियम) में पानी के अंदर बैठी नजर आई. उस वक्त जो भी वहां से गुजर रहा था उसके लिए यह दृश्य बिल्कुल अलग था और इसे देखने के लिए वहां भीड़ उमड़ पड़ी.
पेटा के कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद कहा कि इस तरह के क्रूर परीक्षण से जानवरों पर अत्याचार को बढ़ावा मिलता है और यही कारण हैं कि अब पेटा ने इसके खिलाफ आवाज उठाने की ठान ली है.
गौरतलब है कि इंसानों के लिए बनाई जाने वाली दवा का भी पहला परीक्षण वैज्ञानिक चूहों पर ही करते हैं. अगर चूहों पर उसका सकारात्मक असर पड़ता है तो मेडिकल साइंस में माना जाता है कि यह इंसानों के लिए भी फायदेमंद होगा लेकिन अगर परीक्षण में चूहों पर दवा का नकारात्मक असर पड़ता है तो वैज्ञानिक इसे मनुष्यों के लिए भी खतरनाक मानते हैं.
आपको बता दें कि पेटा फिल्मों में भी जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को लेकर आंदोलन कर चुका है.
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