जंतर-मंतर पर एक्वेरियम में डूब कर हेल्प क्यों मांग रही है ये लड़की

पेटा की एक महिला कार्यकर्ता ने पानी के टब के अंदर बैठकर चूहों पर होने वाले स्वीम टेस्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान वो महिला कार्यकर्ता एक बेहद छोटे से टब में पानी के अंदर बैठी नजर आई. उस वक्त जो भी वहां से गुजर रहा था उसके लिए यह दृश्य बिल्कुल अलग था और इसे देखने के लिए वहां भीड़ उमड़ पड़ी.

Advertisement
विरोध-प्रदर्शन करती युवती विरोध-प्रदर्शन करती युवती

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

  • चूहों पर परीक्षण को लेकर PETA का अनोखा विरोध
  • पानी के टब में बैठकर युवती ने किया प्रदर्शन

देश में जानवरों के हितों की रक्षा के लिए काम करने वाली संस्था पेटा (PETA) के कार्यकर्ताओं  ने परीक्षण के नाम पर चूहों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार को लेकर अनोखे ढंग से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया.

पेटा की एक महिला कार्यकर्ता ने पानी के टब के अंदर बैठकर चूहों पर होने वाले स्वीम टेस्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान वो महिला कार्यकर्ता एक बेहद छोटे से टब (एक्वेरियम) में पानी के अंदर बैठी नजर आई. उस वक्त जो भी वहां से गुजर रहा था उसके लिए यह दृश्य बिल्कुल अलग था और इसे देखने के लिए वहां भीड़ उमड़ पड़ी.

Advertisement

पेटा के कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद कहा कि इस तरह के क्रूर परीक्षण से जानवरों पर अत्याचार को बढ़ावा मिलता है और यही कारण हैं कि अब पेटा ने इसके खिलाफ आवाज उठाने की ठान ली है.

गौरतलब है कि इंसानों के लिए बनाई जाने वाली दवा का भी पहला परीक्षण वैज्ञानिक चूहों पर ही करते हैं. अगर चूहों पर उसका सकारात्मक असर पड़ता है तो मेडिकल साइंस में माना जाता है कि यह इंसानों के लिए भी फायदेमंद होगा लेकिन अगर परीक्षण में चूहों पर दवा का नकारात्मक असर पड़ता है तो वैज्ञानिक इसे मनुष्यों के लिए भी खतरनाक मानते हैं.

आपको बता दें कि पेटा फिल्मों में भी जानवरों के साथ होने वाली क्रूरता को लेकर आंदोलन कर चुका है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »