नारद घोटाले में मुकुल रॉय को मोहलत नहीं, CBI बोली- रविवार को हर हाल में हों हाजिर

नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई ने बीजेपी नेता मुकुल रॉय को तलब किया है. सीबीआई के समक्ष मुकुल रॉय की पेशी रविवार को है.

Advertisement
बीजेपी नेता मुकुल रॉय (फाइल फोटो- Aajtak) बीजेपी नेता मुकुल रॉय (फाइल फोटो- Aajtak)

मुनीष पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

  • नारद स्टिंग केस में बीजेपी नेता मुकुल रॉय तलब
  • सीबीआई के समक्ष 29 सितंबर को होंगे पेश

स्टिंग ऑपरेशन मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बीजेपी नेता मुकुल रॉय को तलब किया है. इडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक, मुकुल रॉय का एक प्रतिनिधि शनिवार को सीबीआई अधिकारियों से मिलकर पूछताछ के लिए रॉय की पेशी पर वक्त मांगा था. हालांकि, सीबीआई ने समय न देते हुए मुकुल रॉय को रविवार (29 सितंबर) को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है.

Advertisement

ने मुकुल रॉय से रविवार को पेश होने के लिए कहा है. सीबीआई का कहना है कि उन्हें और मोहलत नहीं दी जा सकती है. ऐसे में बीजेपी नेता को रविवार को हर हाल में सीबीआई के समक्ष पेश होना होगा. सीबीआई ने मुकुल रॉय को कोलकाता दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है.

इससे पहले 28 अगस्त को मुकुल रॉय से सीबीआई ने पूछताछ की थी. वहीं, टीएमसी छोड़ मुकुल राय के बीजेपी में शामिल होने के बाद से ये आरोप लग रहे थे कि सीबीआई रॉय के साथ नरम बर्ताव कर रही है.

30 सितंबर तक CBI हिरासत में एस मिर्जा

वहीं, इससे पहले गुरुवार को (26 सितंबर) को सीबीआई ने आईपीएस अधिकारी एस मिर्जा को नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार कर लिया है. नारदा स्टिंग केस में यह पहली गिरफ्तारी है. मिर्जा को 30 सितंबर तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है.

Advertisement

सीबीआई ने आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को नारद न्यूज पोर्टल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किया है. इस मामले में सीबीआई ने पहले भी उनसे कई बार पूछताछ की है.

2016 में हुए स्टिंग ऑपरेशन के बाद जब मिर्जा पकड़े गए तब वो अविभाजित बर्दवान जिले में पुलिस अधीक्षक (सुप्रीटेंडेंट) के पद पर कार्यरत थे. जांच एजेंसी सीबीआई फिलहाल स्टिंग में पकड़े गए एक दर्जन व्यक्तियों के आवाज के नमूने का परीक्षण करवा रही है, जिसमें कई टीएमसी सांसद और मंत्री भी शामिल हैं.

क्या है नारदा स्टिंग केस?

यह स्टिंग ऑपरेशन मामला 2014 का है जिसमें नारद न्यूज पोर्टल के प्रमुख मैथ्यू सैमुअल को एक व्यवसायी के रूप में तृणमूल के मंत्रियों और नेताओं से फायदा लेने के लिए संपर्क करते हुए देखा गया. बदले में उन्हें नकद राशि देने की पेशकश की. नारदा न्यूज पोर्टल के संपादक और प्रबंध निदेशक सैमुअल ने 2016 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक स्टिंग वीडियो प्रसारित किया था.

स्टिंग ऑपरेशन के कथित वीडियो फूटेज को 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रसारित कर दिया गया. सीबीआई ने अप्रैल 2017 में कोर्ट के आदेश के बाद एक एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में टीएमसी के लगभग 13 नेताओं के नाम थे. सीबीआई लगातार इन नेताओं से पूछताछ कर रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »