विदेश मंत्रालय ने कहा- लद्दाख में डिसएंगेजमेंट को लेकर चीन के साथ कुछ और बैठकें संभव

डिसएंगेजमेंट को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पारस्परिक रूप से आपसी सहमति के जरिए ही किया जा सकता है. हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष हमारे साथ ईमानदारी से काम करेगा. रिश्तों के समग्र विकास के लिए यह बेहद जरुरी और आवश्यक भी है.

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चीन के साथ लद्दाख क्षेत्र में सीमा पर डिसएंगेजमेंट को लेकर बातचीत जारी (File-GETTY) चीन के साथ लद्दाख क्षेत्र में सीमा पर डिसएंगेजमेंट को लेकर बातचीत जारी (File-GETTY)

पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:25 AM IST

  • समग्र विकास के लिए शांति की पूर्ण बहाली होः MEA
  • 'शांति बहाली के लिए चीनी पक्ष ईमानदारी से काम करे'
लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना के पीछे हटने के मामले पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी हैं और दोनों पक्षों ने डिसएंगेजमेंट को लेकर चर्चा की है. निकट भविष्य में कुछ और बैठकें होने की उम्मीद है.

डिसएंगेजमेंट को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पारस्परिक रूप से आपसी सहमति के जरिए ही किया जा सकता है. हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष हमारे साथ ईमानदारी से काम करेगा. रिश्तों के समग्र विकास के लिए यह बेहद जरुरी और आवश्यक भी है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की सीमा और आपसी संबंधों के भविष्य को अलग नहीं किया जा सकता है.

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चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा जैसा कि आप जानते हैं कि भारत और चीन दोनों राजनयिक और सैन्य स्तर पर भारत-चीन के सीमा क्षेत्रों के साथ पूर्ण डिसएंगेजमेंट सुनिश्चित करने की दिशा में लगे हुए हैं. भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौते हुआ है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ सैनिकों का शीघ्र और पूर्ण डिसएंगेजमेंट किया जाए और द्विपक्षीय समझौते और प्रोटोकॉल के अनुसार भारत-चीन सीमा क्षेत्रों से डी-एस्केलेशन हो. साथ ही द्विपक्षीय संबंधों के सहज और समग्र विकास के लिए शांति की पूर्ण बहाली की जाए.

जल्द होगी और बैठकें: MEA

उन्होंने बताया कि WMCC और वरिष्ठ कमांडरों की कई बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें दोनों पक्षों ने चल रही डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया के कार्यान्वयन पर चर्चा की है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए और कदम उठाए हैं. आगे की बैठक निकट भविष्य में होने की संभावना है.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मैंने पिछले महीने अवगत कराया था कि दोनों पक्षों ने डिसएंगेजमेंट के व्यापक सिद्धांतों पर सहमति व्यक्त की है और इसके आधार पर, कुछ प्रगति पहले की गई थी. मुझे यह जोड़ना चाहिए कि इन सिद्धांतों को जमीन पर करना अभी एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें एलएसी के दोनों देश अपने-अपने क्षेत्र में फिर से सैनिकों की तैनाती करें. हालांकि यह स्वाभाविक है कि यह पारस्परिक रूप से आपसी सहमति के जरिए ही इसे किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि शांति की पूर्ण बहाली के उद्देश्य से चीनी पक्ष ईमानदारी से हमारे साथ काम करेंगे.

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