केरल बाढ़ पर UAE की मदद ठुकराने पर क्या मोदी सरकार पर तंज कस रहे हैं सुल्तान?

सुल्तान ने बाढ़ के दौरान अंग्रेजी और मलयालम भाषा में कई बार ट्वीट कर  केरल के साथ खड़े होने की बात कही थी. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शेख द्वारा मदद की पेशकश की सराहना की थी.

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मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम

राहुल मिश्र / मोनिका गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

केरल में आई बाढ़ के बाद केन्द्र सरकार द्वारा खाड़ी देश यूएई से आर्थिक मदद के प्रस्ताव को ठुकराने का फैसला बीते कुछ दिनों से चर्चा में है. इस बीच यूएई के सुल्तान और शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम के केरल बाढ़ पर किए गए ट्वीट से नया विवाद खड़ा हो रहा है.

अरबी भाषा में सुल्तान मक्तूम, जो कि यूएई के शासक के साथ-साथ उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी हैं, ने रविवार को केरल बाढ़ के संदर्भ में दो ट्वीट किया है. इस ट्वीट की प्रतिक्रिया में हो रहे कमेंट से जाहिर है कि सुल्तान के ट्वीट ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. वहीं फेसबुक पर इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया दे रहे कई लोग दावा कर रहे हैं कि सुल्तान के किए गए ट्वीट के निशाने पर मोदी सरकार है.

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दि वीक ने अरबी में किए गए सुल्तान के पहले ट्वीट के अनुवाद में कहा है कि सुल्तान कह रहे हैं कि ‘दो तरह के अधिकारी होते हैं. पहले किस्म के अधिकारी जनता की सेवा करते हैं और उन्हें आम आदमी के जीवन को सहज बनाने में खुशी मिलती है. ऐसे अधिकारियों की यही उपलब्धि होती है कि आम आदमी का जीवन बेहतर हुआ है. ऐसे अधिकारी बंद दरवाजों को खोलने का काम करते हैं, मुद्दों को सुलझाते हैं और हमेशा लोगों का फायदा देखते हैं.

वहीं अपने दूसरे ट्वीट में सुल्तान शेख मोहम्मदे लिखते हैं कि दूसरे किस्म के अधिकारी, ‘ अक्सर चीजों को कम आंकते हैं. आम आदमी की जिंदगी को ऐसे अधिकारी बेहद कठिन बना देते हैं. ऐसे अधिकारियों को खुशी भी तब मिलती है जब इनके दरवाजे पर जरूरतमंद लोगों की भीड़ खड़ी हो.

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के सुल्तान ने अपने दूसरे ट्वीट को खत्म करते हुए लिखा है कि ऐसे ही देशों और सरकारों को सफलता मिलती है जहां पहले किस्म के अधिकारियों की संख्या दूसरे किस्म के अधिकारियों से बहुत ज्यादा हो.

सुल्तान के इस ट्वीट पर कुछ यूएई स्थिति क्षेत्रीय सूत्रों ने दावा किया है कि सुल्तान में अपने ट्वीट के जरिए महज संकट में पड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल किया है. बहरहाल, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का माहौल गरम है और लोग अपने-अपने मतलब निकाल रहे हैं.

पर कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शेख ने ट्वीट के जरिए इन शब्दों के सहारे मोदी सरकार की केरल बाढ़ में आर्थिक विदेशी मदद के प्रस्ताव को ठुकराने के फैसले की आलोचना की है. वहीं कुछ लोग ट्विटर पर शाह को फॉलो करते हुए इस ट्वीट और केरल बाढ़ को जोड़कर देख रहे हैं.  

गौरतलब है कि शेख के इन ट्वीट्स पर इसलिए भी सस्पेंस बन रहा है क्योंकि की स्थिति को देखते हुए यूएई के सुल्तान ने स्वत: केरल राहत कोष में मदद की पहल की थी.

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