तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक जांच आयोग तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.
राज्य सरकार ने कहा है कि आयोग पिछले साल के अस्पताल में भर्ती होने की परिस्थितियों और उसके बाद के इलाज पर गौर करेगा. लोक विभाग के 27 सितंबर की तारीख से एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है.
बता दें कि एआईएडीएमके की पूर्व प्रमुख का 5 दिसंबर 2016 को रात 11.30 बजे चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था. सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी मौत से कुछ दिन पहले अपोलो अस्पताल की तरफ से बताया गया था कि जयललिता ठीक हो चुकी हैं और वह जब चाहें अस्पताल से छुट्टी ले सकती हैं, लेकिन फिर अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और फिर मौत हो गई.
ऐसे में एआईएडीएमके की तरफ से भी जयललिता की मौत की असल वजह पता कराए जाने की मांग अक्सर उठी रही है. इसी के बाद तमिलनाडु की ई पलनिसामी सरकार ने इस सिलसिले में एक जांच आयोग गठित किया है.
साद बिन उमर