उज्मा मामले की सुनवाईः इस्लामाबाद में इंडियन डिप्लोमैट का फोन सीज, मांगनी पड़ी माफी

शुक्रवार को उज्मा मामले की इस्लामाबाद की अदालत में सुनवाई हो रही थी. वहां इंडियन डिप्लोमैट फोन के साथ गया था. बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी अफसरों ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया.

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उज्मा केस में इस्लामाबाद में सुनवाई जारी उज्मा केस में इस्लामाबाद में सुनवाई जारी

संदीप कुमार सिंह

  • इस्लामाबाद,
  • 12 मई 2017,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

इस्लामाबाद में एक भारतीय डिप्लोमैट का मोबाइल फोन सीज करने का मामला सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि भारतीय महिला उज्मा और एक पाकिस्तानी शख्स की शादी के मामले की सुनवाई के दौरान यह हुआ है.

कोर्ट में क्या हुआ?
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को उज्मा मामले की इस्लामाबाद की अदालत में सुनवाई हो रही थी. वहां भारतीय उच्चायोग में तैनात फर्स्ट सेक्रेटरी डॉ पीयूष सिंह अपने फोन के साथ पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी अफसरों ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया. इसके पीछे दलील दी जा रही है कि सिंह कोर्ट में जज का फोटो खींचने की कोशिश कर रहे थे. जिसकी अनुमति नहीं होती है.

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डिप्लोमैट ने मांगी माफी

जब मामला जज के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने इसे कोर्ट के नियमों की गंभीर अवमानना बताया और उन्हें लिखित माफी देने के लिए कहा. सिंह ने पहले मौखिक तौर पर माफी मांगी और इसके बाद लिखकर क्षमा याचना की. उनका कहना था कि वो गलती से कोर्ट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे. न्यायाधीश ने उनकी माफी को स्वीकार करते हुए मोबाइल लौटाया.

क्या है उज्मा का मामला?
पाकिस्तान में उज्मा नाम की एक भारतीय महिला से एक पाकिस्तानी डॉक्टर ने जबरन शादी कर ली है. इसी मामले की सुनवाई इस्लामाबाद की अदालत में हो रही है. बता दें कि उज्मा एक भारतीय महिला है. उसने पिछले दिनों भारतीय उच्चायोग में शरण ली थी. उसने भारतीय अफसरों को बताया था कि कैसे एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ शादी करने के लिए बंदूक तानकर मजबूर किया. हिंसा एवं यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. उज्मा ने इस्लामाबाद अदालत में अपने पति ताहिर अली के खिलाफ याचिका दायर की है, उसने अपने पति पर प्रताड़ना और धमकाने का आरोप लगाया है. महिला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराया है. अदालत के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि महिला ने मजिस्ट्रेट से कहा कि वह शादी के लिए नहीं, बल्कि अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान आई थी.

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