भारत और आसियान को जोड़ता हैं रामायण और बौद्ध धर्म: सुषमा स्वराज

भारत आसियान यूथ अवॉडर्स में सुषमा ने कहा कि भारत और आसियान के बीच सदियों पुराने रिश्ते हैं. ये संबंध इतिहास, संस्कृति, वाणिज्य और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्र में फैले हुए हैं.

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:46 AM IST

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को कहा कि रामायण और बौद्ध धर्म ऐसे दो पहलू हैं जो भारत और आसियान को जोड़ते हैं. इसीलिए उन्हें भारत आसियान स्मारक सम्मेलन में विशेष महत्व दिया गया है.

भारत आसियान यूथ अवॉडर्स में सुषमा ने कहा कि भारत और आसियान के बीच सदियों पुराने रिश्ते हैं. ये संबंध इतिहास, संस्कृति, वाणिज्य और शिक्षा जैसे विविध क्षेत्र में फैले हुए हैं.

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25 जनवरी से होगा आयोजित

भारत आसियान स्मारक सम्मेलन यहां 25 जनवरी से आयोजित होना है. उससे कार्यक्रमों में से एक भारत आसियान यूथ अवॉडर्स है. उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र के विद्वान भारत को एक अहम अध्ययन केंद्र के तौर पर चुनते हैं, प्राचीन वक्त में वे नालंदा विश्वविद्यालय को चुनते थे.

रामायण और बौद्ध धर्म भारत और आसियान को जोड़ते हैं

सुषमा ने कहा, ‘रामायण और बौद्ध धर्म दो पहलू हैं जो आसियान को जोड़ते हैं. इसलिए हमने इन दोनों को स्मारक शिखर सम्मेलन के केंद्र में रखा है.’

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