चुनाव आयोग ने दिया खुला चैलेंज, हैक करके दिखाएं हमारी EVM

वोटिंग के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाने वालों को अब चुनाव आयोग ने खुला चैलेंज दिया है. आयोग ने ईवीएम की पुख्ता सुरक्षा का दावा करते हुए कहा कि मई के पहले हफ्ते से लेकर 10 मई के बीच कोई भी उनकी इन मशीनों को हैक करके दिखाए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग इस दौरान EVM में टैंपरिंग करने के साथ इन मशीनों को खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमांशु मिश्रा / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 9:33 PM IST

वोटिंग के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाने वालों को अब चुनाव आयोग ने खुला चैलेंज दिया है. आयोग ने ईवीएम की पुख्ता सुरक्षा का दावा करते हुए कहा कि मई के पहले हफ्ते से लेकर 10 मई के बीच कोई भी उनकी इन मशीनों को हैक करके दिखाए.

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, मई के पहले हफ्ते से विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और टेक्नीशियन एक हफ्ते या 10 दिन के लिए आकर मशीनों को हैक करने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह चुनौती एक हफ्ते या 10 दिन के लिये रहेगी और इसमें विभिन्न स्तर होंगे. चुनाव आयोग इस दौरान EVM में टैंपरिंग करने के साथ इन मशीनों को खोलकर भी उसमें छेड़छाड़ करने की चुनौती दे सकता है.

 

Advertisement


बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल सहित समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने EVM की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे. कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने EVM हैक मामले को लेकर आज राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी.

वहीं किया है कि वह अपने अधिकारी की निगरानी में उन्हें ईवीएम दे तो वे साबित कर देंगे छेड़छाड़ होती है. उनका दावा है कि मशीन तैयार करते वक्त जब प्रोग्रामिंग की जाती है, उसी वक्त डाटा में गड़बड़ी की जा सकती है. यानी फीड में ही खेल किया जाता है, तभी आगे भी मशीन गड़बड़ नतीजे दे सकती है. इन्हीं रोज-रोज के आरोपों और सोशल मीडिया टाइप वायरल चीजों से आए दिन दो चार हो रहे आयोग ने यह आयोजन करने की ठान ली.

Advertisement

चुनाव आयोग ने खारिज किए सभी आरोप
इन आरोपों पर चुनाव आयोग का कहना है कि प्रोग्रामिंग में भी गड़बड़ी मुमकिन नहीं है. ऐसा हो ही नहीं सकता कि पोलिंग एजेंट को चेक कराते वक्त मशीन दूसरा नतीजा दे और वोटिंग के समय दूसरा नतीजा दे. चुनाव आयोग ने चुनौती दी है कि ऐसे आरोप लगाने वाले अपनी बात साबित करें.

पहले भी हो चुका है ऐसा आयोजन
इससे पहले भी सन 2004 में चुनाव आयोग ने ऐसी ही एक कार्यशाला आयोजित की थी. उसमें भी कोई ईवीएम को हैक या टेंपर नहीं कर पाया था. लेकिन तब भी बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी समेत कई दिग्गजों ने बुरी तरह चुनाव हारने के बाद ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. चुनाव आयोग ने बताया कि 2009 में भी ईवीएम की विश्वसनियता पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था, लेकिन कोई इसे साबित नहीं कर सका.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement