कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर उठाये सवाल, दो हफ्तों में इटली-स्पेन जैसे हालात का डर

कांग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव ने ई-प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दे उठाये. उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिये टेस्टिंग, पीपीई किट्स की जरूरत है, लेकिन सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है. कांग्रेस को डर है कि स्पेशल पैकेज के बावजूद भी कोरोना वायरस को रोकने में सफल नहीं हो सकेंगे.

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फाइल फोटो- PTI फाइल फोटो- PTI

आनंद पटेल

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2020,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

  • कांग्रेस ने मोदी सरकार को एक बार फिर घेरा
  • कांग्रेस ने तीन मुद्दों पर मांगा सरकार से जवाब
  • टेस्टिंग नियमों में बदलाव पर कांग्रेस की चिंता

कोरोना वायरस से जंग में केंद्र सरकार जहां एक तरफ विशेष आर्थिक पैकेज का ऐलान कर अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस पैकेज में देरी के अलावा तीन अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने एलिसा किट्स का टेंडर, टेस्टिंस गाइडलाइंस में बदलाव और पीपीई किट्स के लिए संपर्क करने वाली कंपनियों को सर्टिफिकेशन में देरी का मुद्दा उठाते हुये केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

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बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव ने ई-प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये मुद्दे उठाये. उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई के लिये टेस्टिंग, पीपीई किट्स की जरूरत है, लेकिन सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है. कांग्रेस को डर है कि स्पेशल पैकेज के बावजूद भी कोरोना वायरस को रोकने में सफल नहीं हो सकेंगे. ऐसे में जो आर्थिक पैकेज से खुश हैं वो आत्मचिंतन करें और कोरोना को हराने वाले दूसरे असल मसलों पर भी ध्यान दें.

कांग्रेस ने उठाये ये तीन मुद्दे

पहला मुद्दा: सुष्मिता देव ने कहा कि एलीसा किट्स बनाने का टेंडर अहमदाबाद की एक कंपनी को भारत सरकार ने दिया है. हमारा सवाल ये है कि जिस एलीसा किट्स के माध्यम से कोरोना की जांच होती है, उसकी टेक्नॉलोजी ट्रांसफर का लाइसेंस सिर्फ एक कंपनी को ही क्यों दिया गया. क्या ये अच्छा नहीं होता कि ज्यादा कंपनी ये किट्स तैयार करती हैं. सुष्मिता देव ने कहा कि कांग्रेस का मानना है इसके पीछे कोई साजिश है. उन्होंने स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल का जिक्र करते हुये कहा कि जब दूसरी कंपनियों के बिड के बारे में उनसे पूछा गया तो उनके पास जवाब नहीं था.

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दूसरा मुद्दा: कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस के लिये होने वाली टेस्टिंग की गाइडलाइंस बदल दी हैं. अब माइल्ड केस वाले लोगों को बिना टेस्ट कराये डिस्चार्ज किया जा रहा है. यानी बिना टेस्ट के ही लोगों को डिस्चार्ज किया जा रहा है. सुष्मिता देव ने कहा कि अगर ऐसा होता रहा तो हमारी हालत अमेरिका, ब्रिटेन और स्पेन इटली जैसी हो जायेगी. साथ ही उन्होंने ये भी पूछा कि सरकार ये क्यों नहीं बता पा रही है कि हम कोरोना के किस स्टेज पर हैं.

तीसरा मुद्दा: सुष्मिता देव ने कहा कि डॉक्टर और नर्स की सुरक्षा की बात की जा रही है लेकिन अजीब बात ये है कि 9 लैबोरेट्री ही पीपीई किट्स को अप्रूव कर सकती हैं. 21 अप्रैल को मुंबई की एक कंपनी ने पीपीई कवलऑल भेजा, लेकिन सरकार ने सर्टिफिकेशन के लिये 5 महीने का वक्त दिया. सुष्मिता देव ने पूछा कि क्या मोदी सरकार इस तरह घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देती है.

सुष्मिता देव ने ये मुद्दे उठाते हुये कहा कि आज भारत में कोरोना बढ़ रहा है और हमें डर है कि सरकार ने जो नियम बदले हैं उसके चलते अगले दो हफ्तों में हमारे देश में इटली और स्पेन जैसा संकट पैदा हो सकता है.

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