जालोर: दलित छात्र की मौत मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत 5 के खिलाफ केस दर्ज

आरोप है कि दिग्विजय सिंह ने आरोपी शिक्षक को RSS से जोड़ा था. इसको लेकर RSS से जुड़े जालोर निवासी मधुसूदन व्यास ने कोतवाली मे मामला दर्ज करवाया है. शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि इन्होंने हिन्दू समाज के एक वर्ग के लोगों को संघ के विरुद्ध भड़काने का काम किया है.

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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह

नरेश सरनाऊ (बिश्नोई)

  • जालोर,
  • 20 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

राजस्थान के जालोर में दलित छात्र की मौत मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी टीचर को जेल भेज दिया है. वहीं इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज है. इस बीच मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के समेत पांच लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया है. आरोप है कि दिग्विजय सिंह ने आरोपी शिक्षक को RSS से जोड़ा था. इसको लेकर RSS से जुड़े जालोर निवासी मधुसूदन व्यास ने कोतवाली मे मामला दर्ज करवाया है. 

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उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शिकायतकर्ता ने दिग्विजय सिंह, उदितराज, संदीप सिंह, हंसराज मीणा व गौतम कश्यप के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उक्त नेताओं ने स्कूल को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बताया था और इन लोगों ने इस प्रकार का ट्वीट लिखकर हिन्दू समाज के एक वर्ग के लोगों को संघ के विरुद्ध भड़काने का काम किया है.

मामले की जांच के लिए SIT गठित

बता दें कि गहलोत सरकार ने दलित छात्र की मौत मामले की परिवार की मांग पर एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं. ये जांच देवाराम चौधरी की अध्यक्षता में की जाएगी. वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट अपनी ही सरकार पर निशाना साधते नजर आए. उन्होंने कहा था कि फिर कोई घटना होगी तब हम एक्शन लेंगे? इस सिस्टम को बदलना होगा. आजादी को 75 साल पूरे हो गए हैं. जिस तरह से जातिगत भेदभाव हो रहा है और यह घटना हुई है, वो कहीं ना कहीं बड़े सवाल खड़े करती है. 

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ये है पूरा मामला

गौरतलब है कि जालोर में 9 साल के एक बच्चे ने जब स्कूल के मटके को पानी पीने के लिए छुआ, तो उसे स्कूल टीचर ने इतना पीटा कि उसकी कान की नस फट गई. बाद में जब उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया तो इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. वहीं स्कूल प्रशासन का दावा है कि किसी भी बच्चे को पानी पीने से नहीं रोका गया था, बल्कि एक झगड़ा हुआ था, जिसके बाद शिक्षक ने हाथ उठाया.

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