पंजाब के डिप्टी कमिश्नर को हुआ कोरोना, Security Breach मामले में कर रहे थे जांच

पंजाब के डिप्टी कमिश्नर दविंदर सिंह कोरोना पॉजिटिव निकल गए हैं. पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में वे भी जांच कर रहे थे और केंद्र गृह मंत्रालय की टीम के साथ लगातार संपर्क में थे. वे कई मीटिंग में भी हिस्सा ले चुके थे.

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सुरक्षा चूक मामले में जांच करने वाले डिप्टी कमिश्नर कोविड पॉजिटिव सुरक्षा चूक मामले में जांच करने वाले डिप्टी कमिश्नर कोविड पॉजिटिव

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 08 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:04 AM IST
  • गृह मंत्रालय की टीम के साथ जांच कर रहे थे डिप्टी कमिश्नर
  • पिछले दिनों मीटिंग में लिया था हिस्सा, कई से संपर्क
  • कोरोना पॉजिटिव होना जांच की स्पीड पर डाल सकता है असर

पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में जांच करने वाले पंजाब के डिप्टी कमिश्नर दविंदर सिंह कोरोना पॉजिटिव निकल गए हैं. वे केंद्रीय गृह मंत्रालय की 3 सदस्य टीम के साथ जांच कर रहे थे. कल उन्होंने अपना टेस्ट करवाया था और आज उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई.

पंजाब के डिप्टी कमिश्नर कोरोना पॉजिटिव

बताया गया है कि पंजाब के डिप्टी कमिश्नर दविंदर सिंह पॉजिटिव होने से पहले कई लोगों के संपर्क में आए हैं. वे केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम के तो लगातार संपर्क में रहे ही, इसके अलावा कई मीटिंग में भी हिस्सा लिया. लेकिन अब उनके संक्रमित होने जाने के बाद इस संवेदनशील मामले की जांच पर कोई असर पड़ता है या नहीं, ये कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा.

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वैसे सुरक्षा चूक मामले को लेकर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है. पंजाब सरकार ने आचार संहिता के लागू होने से ठीक पहले फिरोजपुर के SSP का ट्रांसफर कर दिया. पहले सरकार ने जरूर कहा कि पुलिस की तरफ से कोई चूक नहीं की गई, सरकार ने खुद को भी बचाने का पूरा प्रयास किया,लेकिन अब इस फैसले ने फिर पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.

जांच टीम को लेकर विवाद

जानकारी के लिए बता दें कि अभी इस मामले की जांच दो टीमें कर रही हैं. एक टीम का गठन तो पंजाब सरकार ने किया, वहीं दूसरी केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई है. अब ना केंद्र को राज्य सरकार की जांच पर भरोसा है और ना ही राज्य को केंद्र की जांच पर. ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है. कोर्ट ने सुझाव दिया है कि दोनों राज्य और केंद्र सरकार साथ मिलकर भी इस मामले की जांच कर सकती हैं. दोनों की तरफ से भेजे गए प्रतिनिधि एक टीम का हिस्सा बन सकते हैं और फिर एक निष्पक्ष जांच को अंजाम दिया जा सकता है.

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