पंजाब से एक बार फिर प्रवासी मजदूरों का पलायन, कोरोना और लॉकडाउन का डर

चंडीगढ़ और उससे सटे पंजाब के कई इलाकों से लगातार प्रवासी मजदूर प्राइवेट बसों को मोटा किराया देकर यूपी और बिहार में अपने पैतृक गांवों और घरों के लिए निकल रहे हैं.

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घर की ओर जाते प्रवासी (फोटो-PTI) घर की ओर जाते प्रवासी (फोटो-PTI)

सतेंदर चौहान

  • चंडीगढ़,
  • 16 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST
  • कोरोना के कारण प्रवासियों का पलायन शुरू
  • लॉकडाउन के डर से UP, बिहार लौट रहे प्रवासी

कोरोना के दूसरी लहर के दौरान पूरे देश में फिर से प्रवासी मजदूरों के पलायन की लगातार तस्वीरें सामने आ रही हैं. चंडीगढ़ और पंजाब भी इससे अछूता नहीं है. चंडीगढ़ और उससे सटे पंजाब के कई इलाकों से लगातार प्रवासी मजदूर प्राइवेट बसों को मोटा किराया देकर यूपी और बिहार में अपने पैतृक गांवों और घरों के लिए निकल रहे हैं.

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इनमें से कुछ लोग का कहना है कि वो शादी-समारोह अटेंड करने या फिर यूपी में जारी पंचायत चुनाव में वोटिंग करने के लिए जा रहे हैं, लेकिन ज्यादातर मजदूर ऐसे हैं जो खुले तौर पर ये कह रहे हैं कि उन्हें डर है कि कहीं चंडीगढ़ और पंजाब में एक बार फिर से संपूर्ण लॉकडाउन ना लग जाए और बिना काम धंधे के ही वो इन बड़े शहरों में फंसे ना रह जाएं.

मजदूर अपना पूरा सामान और परिवार यूपी और बिहार स्थित अपने घरों को भेज रहे हैं. इनमें से कई मजदूर ऐसे थे, जिनका कहना था कि पिछली बार उन्हें पैदल ही सफर करते हुए अपने घरों की ओर जाना पड़ा था और इस बार ऐसी नौबत ना आए इसके चलते लॉकडाउन की आशंका को देखते हुए वो पहले ही अपने घरों के लिए निकल रहे हैं.

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हालांकि यूपी के पंचायत चुनाव का असर भी चंडीगढ़ में प्रवासी मजदूरों पर दिखाई दे रहा है. कई प्रवासी मजदूरों ने कहा कि वो अपने गांव के प्रधान के कहने पर पंचायत चुनाव में वोट डालने के लिए वापस जा रहे हैं और उनके आने-जाने का खर्चा भी उनके गांव के प्रधान के द्वारा ही दिया जा रहा है.

लेकिन इस बीच लॉकडाउन की आशंका के चलते लगातार चंडीगढ़ के सेक्टर 45, सेक्टर 52 और चंडीगढ़-मोहाली के बॉर्डर इलाके जगतपुरा से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है और इस पलायन में प्राइवेट बस चालक मोटा मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं. हालांकि, मजदूरों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इसलिए वह मुनाफाखोरी का शिकार हो रहे हैं.

कोरोना के बीच चंडीगढ़ के तमाम सरकारी स्कूलों में 9वीं, 11वीं के फाइनल एग्जाम और 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल एग्जाम भी जारी हैं. हालांकि इस पूरे मामले पर चंडीगढ़ प्रशासन का शिक्षा विभाग और जिन स्कूलों में एग्जाम हो रहे हैं, वहां का स्टाफ कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है और ना ही मीडिया को अंदर जाने की परमिशन दी जा रही है. 

परीक्षा देने आ रहे छात्र कह रहे हैं कि उन्हें करोना का डर तो है, लेकिन स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एग्जाम हो रहे हैं, इसी वजह से वो परीक्षा देने आ रहे हैं क्योंकि उनके प्रैक्टिकल एग्जाम पहले नहीं हुए थे. पेरेंट्स ने करोना के इस दौर में एग्जाम के लिए बच्चों को स्कूल में बुलाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए.

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हालांकि स्कूल के टीचर्स ने ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वो सिर्फ चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग के आदेशों का पालन करवा रहे हैं और उनके पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं है लेकिन वो पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें और बच्चे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित रह कर ही अपने एग्जाम दें.

 

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