अटारी एनकाउंटर: सिद्धू मूसेवाला की कार का पीछा कर रहे थे दोनों शूटर, AK-47 से की थी फायरिंग

सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया. ये आरोपी पाकिस्तान सीमा पर अटारी गांव में छिपे हुए थे. उनके साथ अन्य गैंगस्टर भी मारे गए. इन गैंगस्टर्स का हाथ मूसेवाला की हत्या में था. ये मूसेवाला की थार के पीछे गाड़ी में मौजूद थे और एके-47 से फायरिंग करने का भी इनपर आरोप था.

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अटारी एनकाउंटर में मारे गए मूसेवाला मर्डर के आरोपी अटारी एनकाउंटर में मारे गए मूसेवाला मर्डर के आरोपी

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 21 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST
  • मूसेवाला हत्या मामले से जुड़े दो आरोपी ढेर
  • पाक सीमा पर अटारी गांव में छिपे हुए थे शूटर

पंजाब पुलिस ने अमृतसर में बुधवार को करीब 5 घंटे चले एनकाउंटर में चार गैंगस्टरों को मार गिराया. इनमें दो गैंगस्टर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल थे. जगरूप रूपा और मन्नू कुसा (मनप्रीत सिंह) नाम के दोनों शूटर अटारी के रास्ते पाकिस्तान भागने की फिराक में थे. इनके पास से AK-47 और एक पिस्टल मिली हैं, जिससे वे घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग करते रहे. 

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अमृतसर के पाक सीमा से लगे चीचा भकना गांव में करीब 5 घंटे चले इस एनकाउंटर में सिद्धूवाला केस से जुड़े दो आरोपी जगरूप रूपा और मन्नू कुसा ढेर हो गए. ये दोनों शूटर अपनी कार से मूसेवाला हत्याकांड के समय सिद्धू की कार से पीछा कर रहे थे. पंजाब पुलिस एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया कि कोरोला कार मॉड्यूल के शूटर अबतक पकड़ से बाहर थे. सिद्धू हत्याकांड में दूसरी गाड़ी बुलेरो थी. उसके शूटर्स को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था. 

कुसा ने मूसेवाला पर की थी फायरिंग 

पुलिस ने बताया कि रूपा और कुसा दूसरे मॉड्यूल का हिस्सा थे. माना जा रहा है कि कुसा ने मूसेवाला पर एके-47 राइफल से फायरिंग की थी. मनसा जिले के जवाहर के गांव में मूसेवाला के वाहन के पीछे चल रही एक कार में दोनों लोग सवार थे. अपराध करने के बाद उन्होंने एक और कार छीन ली, जिसे बाद में मोगा जिले में छोड़ दिया गया था. पंजाब पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या में गोली चलाने वाले छह शूटर्स की पहचान की थी. इनमें से तीन शूटर्स को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. 

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3 जुलाई को हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंकित सिरसा और उसके साथी सचिन भिवानी को गिरफ्तार किया था. ये दोनों लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के गैंग में काम करते थे. पुलिस के मुताबिक, अंकित सिरसा ने नजदीक से सिद्धू मूसेवाला पर गोली चलाई थी. प्रियव्रत फौजी के साथ अंकित उसकी गाड़ी में ही मौजूद था. प्रियव्रत को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. जबकि अन्य आरोपी सचिन भिवानी सिद्धू मूसेवाला मामले के चार शूटरों को पनाह देने के लिए जिम्मेदार था. पुलिस ने बताया कि सचिन भिवानी राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का पूरा काम संभलता था. 

पुलिस इन दोनों को तीन जुलाई की रात 11 बजकर 5 मिनट पर कश्मीरी गेट के पास महात्मा गांधी मार्ग से गिरफ्तार किया था. इनके पास सेडो पिस्टल के अलावा पंजाब पुलिस की तीन वर्दी भी बरामद की गई थी. 

लॉरेंस बिश्नोई था हत्याकांड का मास्टरमाइंड 

सिद्धू की हत्या के लिए लॉरेंस बिश्नोई ने तिहाड़ जेल में बैठकर प्लान बनाया था. उसका साथ गोल्डी बराड़ ने दिया था. वे लोग काफी वक्त से इस हमले की तलाश में थे. लेकिन अबतक सिद्धू के साथ Ak-47 लिये जवान तैनात रहते थे. लेकिन मई महीने में पंजाब सरकार ने मूसेवाला समेत कई लोगों की सिक्योरिटी घटाई थी. इसी के बाद बदमाश फिर एक्टिव हो गये और हमले को अंजाम दिया.

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29 मई को हुआ था मूसेवाला का मर्डर 

बता दें कि सिद्धू मूसेवाला को 29 मई 2022 को मार दिया गया था. उस वक्त में अपनी थार कार से मौसी के घर जा रहे थे. मूसा गांव के पास ही उनपर हमला हुआ था. उस दौरान उनके साथ सिक्योरिटी नहीं थी. बाद में आए सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि दो कारों में आए बदमाशों ने मूसेवाला पर जानलेवा हमला किया था. मूसेवाला पर करीब 30 राउंड फायर हुए थे. इसमें कई गोलियां सिद्धू के शरीर के आरपार निकल गई थीं.  

 

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